Edited By Himansh sharma, Updated: 17 Jul, 2026 01:19 PM

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की नरवर तहसील में आयोजित एक जनचौपाल उस समय विवादों में घिर गई
शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की नरवर तहसील में आयोजित एक जनचौपाल उस समय विवादों में घिर गई, जब शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों और करैरा से भाजपा विधायक रमेश खटीक के बीच तीखी बहस हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि नाराज एक ग्रामीण ने विरोध दर्ज कराने के लिए अपने छोटे बच्चे को विधायक की कार के बोनट पर लिटा दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा शुरू हो गई है।
जानकारी के अनुसार, नरवर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर भवन में आयोजित जनचौपाल में विधायक रमेश खटीक क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी पोहरी विधानसभा क्षेत्र के नानकपुर और बरखाड़ी गांव के कुछ ग्रामीण भी पेयजल और बिजली संकट से जुड़ी शिकायत लेकर वहां पहुंचे। ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांव लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं और वे समाधान की उम्मीद लेकर जनचौपाल में आए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आवेदन देखते ही विधायक ने ग्रामीणों से कहा कि वे पोहरी विधानसभा क्षेत्र के निवासी हैं और उनके विधानसभा क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं, इसलिए उन्हें अपनी समस्या संबंधित विधायक के सामने रखनी चाहिए। विधायक के इस जवाब से मौके पर मौजूद ग्रामीण नाराज हो गए। उनका कहना था कि वे किसी दल या क्षेत्र के नहीं, बल्कि सरकार से अपनी समस्या का समाधान मांगने आए हैं।
इसके बाद दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक बहस और नोंकझोंक होती रही। जब ग्रामीणों को लगा कि उनकी बात नहीं सुनी जाएगी, तब लौटते समय एक ग्रामीण ने गुस्से में अपने तीन-चार साल के मासूम बच्चे को विधायक की कार के बोनट पर लिटा दिया और नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि उनकी समस्याएं नहीं सुनी जा सकतीं, तो उनके बच्चों का भविष्य भी सरकार ही संभाले। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने किसी तरह बच्चे को सुरक्षित हटाया। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सुर्खियों में आ गया है।
वीडियो में जनचौपाल के बाहर हंगामे जैसी स्थिति दिखाई दे रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि उनके गांव में लंबे समय से पेयजल और बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है, लेकिन कई बार शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं हुआ। वहीं, जनचौपाल में भी उनकी बात नहीं सुने जाने से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।
फिलहाल इस घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। वहीं, वायरल वीडियो के बाद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इस पूरे विवाद पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।