Edited By Vandana Khosla, Updated: 06 Aug, 2026 11:59 AM

रायपुरः छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता फिलहाल बनी हुई है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना को...
रायपुरः छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता फिलहाल बनी हुई है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए चेतावनी जारी की गई है। हालांकि 8 अगस्त के बाद प्रदेश में बारिश की तीव्रता और इसके दायरे में धीरे-धीरे कमी आने के आसार हैं।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में मानसून की स्थिति सामान्य बनी हुई है। 1 जून से अब तक छत्तीसगढ़ में सामान्य से 7 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसे सामान्य श्रेणी में रखा गया है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 5 अगस्त तक प्रदेश में औसतन 589.3 मिमी (23.2 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 634.9 मिमी (25.0 इंच) है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से 7 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग ने आज बताया कि उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों में अभी भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। वहीं कुछ ऐसे जिले भी हैं, जहां सामान्य से अधिक बारिश होने के कारण कई स्थानों पर जलभराव और नदी-नालों में उफान जैसी स्थिति बनी है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में कहीं-कहीं भारी बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। 8 अगस्त के बाद मानसूनी गतिविधियों में कमी आने का अनुमान है। राजधानी रायपुर में गुरुवार को दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने शहर में एक-दो बार बारिश अथवा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है।
रायपुर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। प्रदेश में तापमान की स्थिति की बात करें तो सबसे अधिक अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस रायपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस पेंड्रा रोड में रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में होने वाली बारिश खरीफ फसलों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। कम बारिश वाले जिलों में अच्छी वर्षा होने से प्रदेश में मानसून की स्थिति और संतुलित होने की संभावना है।