Edited By meena, Updated: 04 Apr, 2026 11:44 AM

मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी में हो रही देरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। बारदानों की कमी के चलते समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू नहीं हो पाने से किसान नाराज हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है...
भोपाल: मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी में हो रही देरी को लेकर सियासत तेज हो गई है। बारदानों की कमी के चलते समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू नहीं हो पाने से किसान नाराज हैं और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मजबूरी में किसान अपनी उपज बाजार में कम दामों पर बेच रहे हैं, जबकि सहकारी बैंकों का कर्ज चुकाने का दबाव भी बना हुआ है।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरते हुए तुरंत गेहूं खरीदी शुरू करने और किसानों के कर्ज व ब्याज माफ करने की मांग की है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के बंगले पर अनशन की चेतावनी दी है। वहीं भाजपा के विधायक चिंतामणि मालवीय ने भी किसानों के हित में खरीदी शीघ्र शुरू करने की जरूरत बताई है।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि गेहूं खरीदी और कर्ज माफी पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य को 50 हजार बारदानों की गठानें उपलब्ध कराई हैं और एचडीपी-पीपी बैग के उपयोग की अनुमति दी है। साथ ही एक बार उपयोग वाले बारदानों को भी खरीदी में इस्तेमाल किया जाएगा।
मंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मार्च-अप्रैल और मई-जून का खाद्यान्न एक साथ वितरित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे प्रदेश में लगभग 10 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता उपलब्ध हो सकेगी। इसके बावजूद गेहूं खरीदी में देरी और कर्ज अदायगी की समय सीमा बढ़ाने पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।