Edited By Vandana Khosla, Updated: 06 Aug, 2026 01:36 PM

MP desk: एक ओर देशभर में NEET परीक्षा और पेपर लीक को लेकर छात्रों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया, तो दूसरी ओर शहडोल की एक बेटी ने विपरीत परिस्थितियों में भी मेहनत और आत्मविश्वास की ऐसी मिसाल पेश की, जो हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई, बिना किसी...
MP desk: एक ओर देशभर में NEET परीक्षा और पेपर लीक को लेकर छात्रों का गुस्सा सड़कों पर दिखाई दिया, तो दूसरी ओर शहडोल की एक बेटी ने विपरीत परिस्थितियों में भी मेहनत और आत्मविश्वास की ऐसी मिसाल पेश की, जो हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई, बिना किसी महंगी कोचिंग और बड़े शहरों की सुविधाओं के, सिर्फ यूट्यूब, ऑनलाइन स्टडी और सेल्फ स्टडी के दम पर पुलिस आरक्षक की बेटी शुभांगी मिश्रा ने महज 21 साल की उम्र में एक साथ पांच सरकारी नौकरियों की परीक्षा पास कर सबको चौंका दिया।
उमरिया जिले के शाहपुर गांव की रहने वाली शुभांगी मिश्रा, शहडोल पुलिस जोन कार्यालय में पदस्थ हेड कांस्टेबल श्याम कुमार मिश्रा की बेटी हैं। उन्होंने 12वीं के बाद डॉक्टर बनने का सपना लेकर NEET की तैयारी की। पहले प्रयास में 400 और दूसरे प्रयास में 570 अंक हासिल किए। लेकिन, MBBS की सीट नहीं मिल सकी। यह उनके जीवन का सबसे कठिन दौर था, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपना लक्ष्य बदल लिया। शुभांगी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की और प्रतिदिन 8 से 10 घंटे पढ़ाई की, यूट्यूब, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और सेल्फ स्टडी को अपना सबसे बड़ा सहारा बनाया,उनकी मेहनत का परिणाम यह रहा कि उनका चयन एमपी पुलिस कांस्टेबल, एसएससी स्टेनोग्राफर, मध्यप्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI), सहायक उपनिरीक्षक (ASI-स्टेनो) और सूबेदार जैसे पांच प्रतिष्ठित पदों पर हो गया, फिलहाल वह शहडोल पुलिस लाइन में आरक्षक के रूप में सेवाएं दे रही हैं।
शुभांगी का कहना है कि असफलता कभी अंत नहीं होती, बल्कि नई शुरुआत का अवसर होती है। उनका सपना अब सिविल सेवा में जाकर देश की सेवा करना है। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि संसाधनों की कमी नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास ही सफलता की असली कुंजी हैं। आज शुभांगी की कहानी पूरे शहडोल संभाग ही नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का साहस रखते हैं।