Edited By Himansh sharma, Updated: 11 Jan, 2026 05:34 PM

मध्यप्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों के लिए हाईकोर्ट का फैसला किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
भोपाल. मध्यप्रदेश के हजारों सरकारी कर्मचारियों के लिए हाईकोर्ट का फैसला किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। प्रोबेशन पीरियड के दौरान वेतन कटौती को लेकर चली आ रही वर्षों पुरानी लड़ाई में अब कर्मचारियों की जीत हुई है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि प्रोबेशन अवधि में वेतन काटना अवैध है और राज्य सरकार को एरियर समेत पूरी राशि लौटानी होगी।
हाईकोर्ट का बड़ा आदेश
कोर्ट ने आदेश दिया है कि जिन कर्मचारियों का वेतन 70%, 80% और 90% के हिसाब से दिया गया था, उन्हें 100 प्रतिशत वेतनमान के आधार पर पूरा एरियर भुगतान किया जाए। इस फैसले से राज्य सरकार पर करीब 400 करोड़ रुपए का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा।
कमलनाथ सरकार में लागू हुआ था नियम
साल 2019 में तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने नई भर्तियों के लिए यह नियम लागू किया था, जिसके तहत प्रोबेशन पीरियड में पूर्ण वेतन नहीं दिया जाता था। इसी नियम को चुनौती देते हुए कर्मचारियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
अब सरकार के पाले में फैसला
मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, राज्य सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी जाए या सीधे एरियर का भुगतान किया जाए। इस पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लिया जाएगा।
90 हजार कर्मचारियों को होगा सीधा फायदा
अगर सरकार फैसले को चुनौती नहीं देती, तो दिसंबर 2019 से दिसंबर 2025 के बीच भर्ती हुए 90 हजार से अधिक कर्मचारियों को एरियर का लाभ मिलेगा। अनुमान है कि प्रति कर्मचारी 15 से 20 लाख रुपए तक की राशि बन सकती है।
अगर चुनौती नहीं दी गई तो…
एकमुश्त एरियर भुगतान
100% वेतनमान के अनुसार राशि
हजारों परिवारों को आर्थिक राहत
अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या सरकार कोर्ट के फैसले को स्वीकार करेगी या कानूनी लड़ाई आगे बढ़ेगी?