सोना-चांदी के निवेशकों के लिए खुशखबरी: Gold पर बड़ा फैसला लेने जा रही सरकार, कीमतों में आएगी भारी गिरावट

Edited By meena, Updated: 17 Feb, 2026 09:19 PM

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सोना–चांदी की खरीद और निवेश से जुड़े लोगों के लिए यह खबर काफी अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत सरकार अपनी ट्रेड पॉलिसी में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है...

भोपाल : सोना–चांदी की खरीद और निवेश से जुड़े लोगों के लिए यह खबर काफी अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत सरकार अपनी ट्रेड पॉलिसी में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रही है और अब कीमती धातुओं का आयात सीधे संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) से बढ़ाया जा सकता है। इससे न केवल सोने चांदी की कीमतों में गिरावट आएगी बल्कि भारत का अमेरिका से ट्रेड सरप्लस भी अच्छा होगा। 

क्या बदलेगा आयात का समीकरण?

अब तक भारत अपनी सोना–चांदी की बड़ी जरूरतों के लिए मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे देशों पर निर्भर रहा है। लेकिन अमेरिका से सीधे आयात बढ़ने पर सप्लाई चेन मजबूत होने की संभावना है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इस कदम से दो बड़े फायदे हो सकते हैं:
1.अमेरिका के साथ भारत का ट्रेड सरप्लस संतुलित होगा।
2.घरेलू बाजार में कीमतों पर दबाव कम हो सकता है।

क्या सच में गिर सकते हैं सोने-चांदी के दाम?

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अमेरिका से बड़े पैमाने पर आयात शुरू होता है और आयात शुल्क (टैक्स स्ट्रक्चर) अनुकूल रहता है, तो सप्लाई बढ़ने से कीमतों में नरमी आ सकती है। हालांकि, कीमतों पर असर इन कारकों पर भी निर्भर करेगा:

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार भाव
  • डॉलर-रुपया विनिमय दर
  • आयात शुल्क की अंतिम दर
  • वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति

इसलिए तुरंत बड़ी गिरावट की उम्मीद करना जल्दबाज़ी हो सकती है, लेकिन मध्यम अवधि में राहत संभव है।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का असर

भारत और अमेरिका के बीच हुए द्विपक्षीय समझौते के तहत करीब 10 अरब डॉलर के भारतीय निर्यात पर शुल्क समाप्त करने की बात कही गई है। इसका सीधा फायदा इन सेक्टरों को मिल सकता है:

  • रत्न और आभूषण (Jewellery)
  • टेक्सटाइल
  •  लेदर
  • MSME सेक्टर

इससे भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बेहतर प्रतिस्पर्धा मिलेगी।

टेक्नोलॉजी और डेटा सेंटर सेक्टर को भी राहत

समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह समझौता सिर्फ सोने-चांदी तक सीमित नहीं है। पहले एंटरप्राइज GPU सर्वर पर 20–28% तक आयात शुल्क लगता था, जिससे भारत में डेटा सेंटर स्थापित करना महंगा पड़ता था। अब शुल्क घटकर लगभग 14% तक आने की संभावना है। इससे भारत टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में सिंगापुर जैसे देशों को टक्कर देने की स्थिति में आ सकता है।

  • निवेशकों और आम लोगों के लिए क्या मायने?
  • ज्वेलरी सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी
  • सप्लाई चेन मजबूत होगी
  • मध्यम अवधि में कीमतों में नरमी संभव
  • टेक और डेटा सेंटर निवेश को बढ़ावा

हालांकि अंतिम असर इस बात पर निर्भर करेगा कि आयात नीति का अंतिम स्वरूप क्या होता है और वैश्विक बाजार की स्थिति कैसी रहती है।

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