Edited By Himansh sharma, Updated: 16 Jul, 2026 04:28 PM

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 16 जुलाई को आयोजित "भारत टेक्स-2026" में सम्मिलित हुए।
भोपाल/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 16 जुलाई को आयोजित "भारत टेक्स-2026" में सम्मिलित हुए। उन्होंने यहां देश-विदेश के प्रमुख टेक्सटाइल निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और वैश्विक ब्रांड्स के साथ राउंड टेबल बैठक की। बैठक में उन्होंने मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों, टेक्सटाइल क्षेत्र की अपार संभावनाओं और उद्योगों के लिए उपलब्ध सुविधाओं से निवेशकों को अवगत कराया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सभी क्षेत्रों में विकास की बयार बह रही है। मैं कुंभ की नगरी से आता हूं। 12 साल में एक बार कुंभ आता है। कुंभ के समय चारों तरफ एक ही वातावरण तैयार होता है। वो वातावरण तो धार्मिक होता है। उसी तरह यहां वस्त्र उद्योग का वातावरण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी हमने इस आयोजन में भाग लिया था। इस वर्ष इसकी आभा और निखर गई है। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के सहयोग से मध्यप्रदेश टैक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए इस क्षेत्र में कपड़ा उत्पादन और रोजगार दोनों को बढ़ा रहा है। टैक्सटाइल इंडस्ट्री से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
उद्योगपतियों के पास अनुभव की पूंजी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखी है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और मालवा-निमाड़ अंचल के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। पीएम मित्र पार्क, खेत से लेकर कारखाने और यहां से गारमेंट इंडस्ट्री और वैश्विक बाजार तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश केंद्र सरकार और वैश्विक ब्रांड्स के साथ चलने के लिए तैयार है। हमारे अधिकारियों निवेशकों को पॉलिसी जरूर बता दी, लेकिन यहां मौजूद उद्यमियों के पसीने में अनुभव की बहुत बड़ी पूंजी है। उद्योगपतियों के कथन राज्य सरकार को तेजी से और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

भारत में विविधता की खूबसूरती
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते समय बिजली की नीलामी हुई थी। उसके आधार पर यह सत्य है कि इस वक्त विश्व में सबसी सस्ती बिजली कहीं मिल रही है तो वो मध्यप्रदेश में मिल रही है। हमारे यहां पानी पर भी बिजली है और पानी से भी बिजली है। उन्होंने टेक्सटाइल का मामला राजा विक्रमादित्य के काल से जुड़ता है। महारानी अहिल्याबाई ने महेश्वरी साड़ी ब्रांड का निर्माण किया। उन्होंने इसके जरिये बुनकरों की आमदनी की चिंता की। महेश्वरी जैसे ही चंदेरी साड़ी भी एक ब्रांड है। हमारे देश में विविधता की खूबसूरती है। बनारसी साड़ी का आनंद उत्तर भारत वाले भी लेते हैं और दक्षिण भारत वाले भी लेते हैं। इसी तरह बिहार जाते हैं तो भागलपुरी वस्त्र की मांग होने लगती है। कांजीवरम साड़ी का जो महत्व दक्षिण भारत में है, वही महत्व पूरे भारत में है। हमने इकोनॉमी को जीवन के साथ जोड़ा है।
निवेशकों का ख्याल रख रही सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने उद्योगपति और निवेशकों से किए अपने सभी वायदे पूरे किए हैं। सभी सेक्टर्स में उद्योगपतियों और निवेशकों को सब्सिडी के रूप में उनके हक की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जा चुकी है। राज्य सरकार ने राशि देकर मई 2026 तक की सभी देनदारियां खत्म कर दी हैं। प्रदेश सरकार ने डेढ़ साल में लगभग 5500 करोड़ रुपए की राशि उद्योगपतियों को सब्सिडी के रूप में दी है। उन्होंने उद्योपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में अपना उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि एक बार जो मध्यप्रदेश आता है, वहीं का होकर रह जाता है। हृदय प्रदेश सभी उद्योगपतियों का स्वागत कर रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने ग्रीन एनर्जी सेक्टर में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हैं। राज्य में सोलर और पंप स्टोरेज से निर्मित बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है। मध्यप्रदेश में सबसे सस्ती बिजली मिल रही है, जिससे उद्योग संचालन आसान हो गया है।