बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका! अब KW नहीं KVA से बनेगा बिल, 15% तक बढ़ेगा खर्च

Edited By Himansh sharma, Updated: 12 Jan, 2026 08:54 PM

mp power shock electricity bills to be charged on kva not kw

मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा झटका तय माना जा रहा है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा झटका तय माना जा रहा है। प्रदेश में अब बिजली बिल किलोवाट (KW) नहीं बल्कि किलो-वोल्ट एम्पीयर (KVA) के आधार पर वसूले जाने की तैयारी है। मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने यह प्रस्ताव 2026-27 के टैरिफ प्लान के तहत मप्र विद्युत नियामक आयोग को भेज दिया है।

अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो हजारों उपभोक्ताओं का बिजली बिल 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

क्या है पूरा मामला?

अब तक बिजली बिल केवल वास्तविक खपत यानी KW के आधार पर बनता था, लेकिन KVA आधारित बिलिंग में उपभोक्ताओं से न सिर्फ इस्तेमाल की गई बिजली बल्कि तकनीकी नुकसान (लाइन लॉस, खराब पावर फैक्टर) का पैसा भी वसूला जाएगा।

यानी जितनी बिजली सप्लाई होगी, उसका पूरा हिसाब अब उपभोक्ता के बिल में जुड़ेगा।

सबसे पहले किन पर पड़ेगा असर?

शुरुआत HT (हाई टेंशन) उपभोक्ताओं से होगी

अकेले भोपाल जिले में करीब 33 हजार HT उपभोक्ता इसकी जद में

बड़े उद्योग, संस्थान और कॉर्पोरेट उपभोक्ता होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित

आगे चलकर आम उपभोक्ताओं पर भी लागू हो सकती है व्यवस्था

क्यों बढ़ेगा बिजली बिल?

पुरानी वायरिंग

जर्जर ट्रांसफार्मर

पुराने विद्युत उपकरण

खराब पावर फैक्टर

इन वजहों से KW और KVA का अंतर बढ़ेगा, और यही अंतर सीधे बिल को भारी बना देगा।

पहले ही खर्च हो चुके हैं 3000 करोड़!

भोपाल में तकनीकी नुकसान कम करने के लिए पिछले 15 सालों में करीब 3000 करोड़ रुपए खर्च किए जा चुके हैं।

HVDs सिस्टम

नई लाइनें

फीडर सेपरेशन

ट्रांसफार्मर व सब-स्टेशन क्षमता बढ़ाना

इसके बावजूद आज भी औसतन 15% तकनीकी लॉस बना हुआ है, जिसका बोझ अब उपभोक्ताओं पर डाला जाएगा।

किसे मिलेगी राहत?

जिनके यहां नई वायरिंग है

आधुनिक मशीनें और उपकरण हैं

पावर फैक्टर बेहतर है

ऐसे उपभोक्ताओं के लिए KW और KVA लगभग बराबर रहेगा और बिल में ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा।

बिजली कंपनी को क्या फायदा?

लाइन लॉस में कमी
ट्रांसफार्मर पर दबाव कम
ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ेगी
सिस्टम ज्यादा कुशल बनेगा

KVA बिलिंग का असली उद्देश्य

पावर फैक्टर सुधारना

अनावश्यक लोड घटाना

बिजली आपूर्ति को स्मार्ट बनाना

उपभोक्ताओं को तकनीकी रूप से जिम्मेदार बनाना

MP में बिजली उपभोक्ताओं के लिए आने वाले समय में बिजली सिर्फ रोशनी नहीं, बड़ा खर्च भी बन सकती है। सतर्क उपभोक्ता राहत में रहेंगे, जबकि लापरवाही सीधे जेब पर भारी पड़ेगी।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!