Edited By Desh Raj, Updated: 27 Feb, 2026 10:39 PM

मध्य प्रदेश के लोगों को बिजली का करंट ज्यादा जोर से लग सकता है। क्योंकि बिजली की दरों में बढौतरी सकती है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को झटका देने की तैयारी हो रही है। विद्युत वितरण कंपनियों ने 6,043 करोड़ रुपये से अधिक के घाटे का हवाला दिया है। इ
(भोपाल): मध्य प्रदेश के लोगों को बिजली का करंट ज्यादा जोर से लग सकता है। क्योंकि बिजली की दरों में बढौतरी सकती है। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को झटका देने की तैयारी हो रही है। विद्युत वितरण कंपनियों ने 6,043 करोड़ रुपये से अधिक के घाटे का हवाला दिया है। इस घाटे की भरपाई के लिए 2026-27 में बिजली की दरों में 10.19 प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित की है। राज्य विद्युत नियामक आयोग सुनवाई करने के बाद इस संबंध में कोई भी निर्णय ले सकता है।
वर्ष 2026-27 के लिए 65,374.38 करोड़ रुपये के राजस्व की जरुरत
विभाग की ओर से बताया गया कि विद्युत वितरण कंपनियों को वर्ष 2026-27 के लिए 65,374.38 करोड़ रुपये के राजस्व की जरुरत है लेकिन जो अभी बिजली दरें हैं उनसे इतना राजस्व नहीं कमाया जा सकता है। इसलिए इसको पूरा करने के लिए 10.19 प्रतिशत दर वृद्धि प्रस्तावित की गई है। दरअसल यह सारी जानकारी ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सीधी के चुरहट से कांग्रेस विधायक अजय सिंह के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी है।
आपको बता दें कि इस प्रस्ताव पर वैसे फैसला कई पहलुओं पर विचार करने के बाद लिया जाएगा। वहीं इसके साथ घरेलू, कृषि, एवं अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं पर कितना वित्तीय भार आएगा, इसका आकलन अभी किया नहीं जा सकता है। ऊर्जा मंत्री तोमर ने वैसे कहा है कि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाले बिना ही उपाय ढूंढे जा रहे हैं और वितरण कंपनियों के घाटे को कम करने के लिए दूसरे तरीके तलाशे जा रहे हैं।
इसके साथ ही यह भी बताया गया कि विद्युत वितरण कंपनियों ने 2014-15 से 2022-23 की अवधि के लिए 3,451 करोड़ रुपये की मांग की गई थी लेकिन आयोग ने इसने माना नहीं। लिहाजा विद्युत कंपनियों ने 6,043 करोड़ रुपये के घाटा भरपाई के लिए बिजली की दरों में 10.19 प्रतिशत की वृद्धि प्रस्तावित की है।