Edited By Himansh sharma, Updated: 31 Aug, 2026 03:37 PM

नरयावली विधानसभा क्षेत्र में रविवार को आयोजित जनविश्वास शिविर राजनीतिक बयानबाजी का मंच बन गया।
सागर। नरयावली विधानसभा क्षेत्र में रविवार को आयोजित जनविश्वास शिविर राजनीतिक बयानबाजी का मंच बन गया। कर्रापुर में हुए कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने सरकारी योजनाओं और जनसमस्याओं के निराकरण को लेकर सवाल खड़े किए। उनके आरोपों पर भाजपा विधायक प्रदीप लारिया ने तीखा पलटवार करते हुए चौधरी के चुनावी प्रदर्शन पर निशाना साध दिया।
शिविरों को लेकर चौधरी ने उठाए सवाल
कार्यक्रम के दौरान सुरेंद्र चौधरी ने जनविश्वास शिविरों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार इन शिविरों के जरिए लोगों की समस्याएं सुनने का दावा करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की कई योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचने के बजाय कागजी प्रक्रिया में ही सीमित रह जाता है।
लारिया का सीधा हमला
चौधरी के बयान पर भाजपा विधायक प्रदीप लारिया ने पलटवार करते हुए उनके राजनीतिक सफर को निशाने पर लिया। लारिया ने कहा कि क्षेत्र की जनता उन्हें एक-दो बार नहीं, बल्कि चार बार चुनाव में नकार चुकी है। इसके बावजूद उनकी सरकार और क्षेत्र की व्यवस्था को लेकर नकारात्मक बयानबाजी लगातार जारी है। लारिया के इस बयान के बाद नरयावली की सियासत में दोनों नेताओं के बीच पुरानी राजनीतिक खींचतान एक बार फिर चर्चा में आ गई।
29 हजार मतदाताओं का मुद्दा उठाकर चौधरी ने दिया जवाब
विधायक के पलटवार के बाद सुरेंद्र चौधरी ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण का मुद्दा सामने रखा। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2026 में मतदाता सूची की जांच के दौरान करीब 29 हजार ऐसे नाम हटाए गए, जिन्हें उन्होंने फर्जी मतदाता बताया। चौधरी ने आरोप लगाया कि नरयावली विधानसभा में भाजपा की चुनावी जीत के पीछे ऐसे मतदाताओं की भूमिका रही है। हालांकि, उनके इस दावे को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।
बोले- विपक्ष में रहकर जनता की आवाज उठाना जिम्मेदारी
सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि क्षेत्र की जनता ने उन्हें विपक्ष की भूमिका सौंपी है और ऐसे में जनता से जुड़े मुद्दों को उठाना उनका दायित्व है। उन्होंने कहा कि वे आगे भी युवाओं, किसानों और मजदूरों से जुड़े सवालों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
जनविश्वास शिविर में शुरू हुई यह जुबानी जंग अब नरयावली की स्थानीय राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बन गई है। एक ओर भाजपा विधायक लारिया अपने राजनीतिक जनाधार का हवाला दे रहे हैं, वहीं चौधरी सरकारी योजनाओं और मतदाता सूची को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। आने वाले दिनों में दोनों नेताओं के बीच यह सियासी टकराव और तेज होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं।