Edited By Vandana Khosla, Updated: 15 May, 2026 10:38 AM

MP Desk: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में भष्टाचार के खिलाफ EOW की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। जहां एक पंचायत सचिव को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। बताया गया कि पंचायत सचिव ने कार्य के बदले भुगतान राशि के एवज में ठेकेदार से 1 लाख...
MP Desk: मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले में भष्टाचार के खिलाफ EOW की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। जहां एक पंचायत सचिव को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ा है। बताया गया कि पंचायत सचिव ने कार्य के बदले भुगतान राशि के एवज में ठेकेदार से 1 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी।
दरअसल, EOW कार्यालय रीवा में ठेकेदार प्रकाश यादव ने शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें बताया गया कि मऊगंज जिले की हनुमना जनपद की बलभद्रगढ़ ग्राम पंचायत में पीसीसी रोड का निर्माण किया था। इसके बाद 12 मई को सड़क निर्माण कार्य के बदले भुगतान राशि के लिए आवेदन किया गया। भुगतान प्राप्त करने के लिए पंचायत सचिव के डीएससी सिग्नेचर और ओटीपी जनरेट होना अनिवार्य था। इसके चलते पंचायत सचिव से संपर्क किया गया।
वहीं, भुगतान के एवज में पंचायत सचिव शरचचंद्र गिरी ने उससे एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। लेकिन, ठेकेदार उसे रिश्वत नहीं देना चाहता था। मामले में तुंरत EOW कार्यालय रीवा में शिकायत कर दी। जांच में पंचायत सचिव के खिलाफ शिकायत सही पाई गई। इसके बाद EOW की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए योजना तैयार की।
गुरुवार को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपये देने के लिए फरियादी प्रकाश यादव को रिश्वतखोर सचिव शरदचंद्र गिरी के पास भेजा। शरदचंद्र गिरी ने जैसे ही रिश्वत की रकम ली तो EOW की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। इस कार्रवाई से पूरी पंचायत में हड़कंप मच गया। मामले की जांच की जा रही है।