Edited By Himansh sharma, Updated: 11 Jun, 2026 08:45 PM

मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा की निर्विरोध जीत के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है।
भोपाल। मध्य प्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भाजपा की निर्विरोध जीत के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। भाजपा प्रत्याशियों के निर्वाचित होने के साथ ही कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विवाद का केंद्र कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होना है, जिसे लेकर विपक्ष लगातार हमलावर बना हुआ है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए भाजपा और चुनाव आयोग पर निशाना साधा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द कर विपक्ष की एक सीट छीन ली गई। उन्होंने इसे "सीट चोरी" बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
राहुल गांधी का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में सभी उम्मीदवारों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए, लेकिन इस मामले में अलग-अलग मापदंड अपनाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की आपत्तियों को गंभीरता से नहीं लिया गया और नामांकन निरस्त करने का फैसला जल्दबाजी में किया गया।
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पार्टी का कहना है कि राज्यसभा चुनाव की पूरी प्रक्रिया चुनावी नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत संपन्न हुई है। भाजपा नेताओं का दावा है कि नामांकन की जांच के दौरान जो तथ्य सामने आए, उसी आधार पर निर्णय लिया गया और इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं हुआ।
इस बीच कांग्रेस ने मामले को न्यायिक स्तर पर चुनौती देने का फैसला किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष समीक्षा जरूरी है। दूसरी ओर भाजपा अपनी निर्विरोध जीत को संगठन की मजबूती और विपक्ष की राजनीतिक विफलता बता रही है।
राज्यसभा चुनाव का यह विवाद अब केवल एक नामांकन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह चुनावी निष्पक्षता, संस्थाओं की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर राष्ट्रीय बहस का विषय बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में न्यायालय और चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सबकी नजरें टिकी रहेंगी।