Edited By Himansh sharma, Updated: 03 May, 2026 11:50 AM

मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद नीमच को नया पुलिस कप्तान मिल गया है।
नीमच। (मूलचंद खींची): मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद नीमच को नया पुलिस कप्तान मिल गया है। तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी राजेश व्यास ने नीमच पुलिस अधीक्षक (SP) का पदभार संभाल लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और डीजीपी कैलाश मकवाना ने 2016 बैच के इस जांबाज अधिकारी पर भरोसा जताते हुए उन्हें नीमच जैसे संवेदनशील और सरहदी जिले की कमान सौंपी है।
माफियाओं के लिए ‘संकट’, जनता के लिए ‘उम्मीद’
राजेश व्यास की गिनती प्रदेश के उन पुलिस अधिकारियों में होती है, जो अपनी कार्यशैली से अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए जाने जाते हैं। नीमच जिले की भौगोलिक स्थिति मादक पदार्थों की तस्करी के लिहाज से काफी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है। पूर्व में इंदौर और अलीराजपुर में अवैध शराब, सट्टा रैकेट और नशीले पदार्थों के खिलाफ उनकी सख्त कार्रवाई ने यह साबित किया है कि वे कानून से खिलवाड़ करने वालों को बख्शने के मूड में नहीं रहते। अब उनके नीमच आने से जिले के अवैध धंधेबाजों में हड़कंप मच गया है।
तकनीक और मानवीय चेहरे का संगम
केवल सख्ती ही नहीं, राजेश व्यास सामुदायिक पुलिसिंग और तकनीक के बेहतरीन तालमेल के लिए भी जाने जाते हैं। अलीराजपुर में उनके नेतृत्व में चलाया गया ‘ऑपरेशन हेलो’ आज भी चर्चा का विषय है।
इस अभियान के तहत सैकड़ों गुम हुए मोबाइल फोन न केवल ट्रेस किए गए, बल्कि उनके असली मालिकों तक पहुंचाए गए। तकनीकी विजन के साथ आम जनता के बीच उनकी यह कार्यशैली उन्हें एक अलग पहचान देती है।
इंदौर से नीमच तक का सफर
2016 बैच के आईपीएस राजेश व्यास ने इंदौर में डीसीपी (आसूचना एवं सुरक्षा) के रूप में खुफिया तंत्र को मजबूत करने का काम किया है। अब नीमच में कानून-व्यवस्था की बागडोर संभालते हुए सीमावर्ती इलाकों में तस्करी पर नकेल कसना और शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता होगी।
आम जनता को हैं बड़ी उम्मीदें
राजेश व्यास की नियुक्ति के बाद नीमच के प्रबुद्ध नागरिकों और आमजन में सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है। लोगों का मानना है कि एक सख्त और तकनीक-प्रेमी कप्तान के आने से जिले की पुलिसिंग और अधिक अच्छी होगी और अपराधियों के हौसले पस्त होंगे।