धान-चावल के बीजों से सजी राखी, भाई-बहन के स्नेह के साथ हरियाली का संदेश
Edited By meena, Updated: 26 Aug, 2026 06:34 PM

बलौदाबाजार में इस बार रक्षाबंधन पर बहनों की राखी कुछ खास होने वाली है। बिहान स्व-सहायता समूह की महिलाएं धान, चावल, लौकी, करेला और सेमी जैसे स्थानीय बीजों से...
बलौदाबाबाज़ार (अशोक टण्डन) : बलौदाबाजार में इस बार रक्षाबंधन पर बहनों की राखी कुछ खास होने वाली है। बिहान स्व-सहायता समूह की महिलाएं धान, चावल, लौकी, करेला और सेमी जैसे स्थानीय बीजों से आकर्षक और पर्यावरण हितैषी राखियां तैयार कर रही हैं। इन राखियों के जरिए भाई-बहन के प्रेम के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है। वहीं, बीज राखियों की बिक्री से महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी भी हो रही है
रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक है, लेकिन बलौदाबाजार की बिहान दीदियां इस बार इस रिश्ते में हरियाली का रंग भी जोड़ रही हैं। ग्राम लाहोद की स्व-सहायता समूह की महिलाएं धान, चावल, लौकी, करेला और सेमी सहित विभिन्न स्थानीय बीजों से खूबसूरत राखियां तैयार कर रही हैं। खास बात यह है कि राखी बांधने के बाद इन बीजों को मिट्टी में बोकर पौधे तैयार किए जा सकते हैं।

मंगलवार को संयुक्त जिला कार्यालय में बिहान की महिलाओं ने बीज राखियों की बिक्री के लिए स्टॉल लगाया। स्टॉल का अवलोकन करने पहुंचे कलेक्टर कुलदीप शर्मा, एसपी गौरव राय, डीएफओ पंकज कुमार कमल और जिला पंचायत सीईओ दिव्या अग्रवाल को महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार बीज राखियां पहनाईं।