Edited By meena, Updated: 13 Apr, 2026 08:28 PM

मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा वन परिक्षेत्र में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है...
सागर (देवेंद्र कश्यप) : मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा वन परिक्षेत्र में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में वन परिक्षेत्र बंडा के रेंजर विकास सेठ और लिपिक (बाबू) जयप्रकाश तिवारी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मकरोनिया क्षेत्र के ज्योतिनगर निवासी फरियादी विजय सिंह राजपूत ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी कि उनके निजी खेत में लगे पेड़ों की कटाई और लकड़ी के परिवहन के लिए आवश्यक ट्रांजिट परमिट (टीपी) जारी करने के एवज में वन विभाग के अधिकारियों द्वारा उनसे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। फरियादी ने आरोप लगाया था कि बिना रिश्वत दिए उनका काम नहीं किया जा रहा था, जिसके बाद उन्होंने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त में दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने पहले पूरे मामले का सत्यापन किया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद योजना बनाकर सोमवार को वन परिक्षेत्र कार्यालय बंडा में ट्रैप कार्रवाई की गई। जैसे ही रेंजर विकास सेठ और बाबू जयप्रकाश तिवारी ने फरियादी से रिश्वत की रकम स्वीकार की, लोकायुक्त टीम ने तुरंत मौके पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। टीम ने उनके कब्जे से 50 हजार रुपये की रिश्वत राशि भी बरामद कर ली है।

इस पूरी कार्रवाई को लोकायुक्त पुलिस के निरीक्षक रंजीत सिंह, निरीक्षक कमल सिंह एवं ट्रैप दल के अन्य सदस्यों द्वारा अंजाम दिया गया। कार्रवाई के दौरान सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया और मौके पर ही पंचनामा तैयार किया गया।
फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। इस कार्रवाई के बाद वन विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। लोकायुक्त की इस सख्त कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ा संदेश माना जा रहा है, जिससे सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा।