MP के इस जिले में एक साल में ही बदहाल हुई प्रधानमंत्री ग्राम सड़क, जगह-जगह बड़े गड्ढे; गुणवत्ता पर उठे सवाल

Edited By Himansh sharma, Updated: 11 Sep, 2026 01:38 PM

road crumbles within a year in chhatarpur quality under scanner

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मऊसहानियां-धुबेला म्यूजियम से तिदनी-टुडर रोड तक बनाई गई सड़क निर्माण पूरा होने के करीब डेढ़ साल के भीतर ही बदहाल नजर आ रही है।

छतरपुर। (राजेश चौरसिया): मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत मऊसहानियां-धुबेला म्यूजियम से तिदनी-टुडर रोड तक बनाई गई सड़क निर्माण पूरा होने के करीब डेढ़ साल के भीतर ही बदहाल नजर आ रही है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जबकि कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत उखड़ने से गिट्टियां बाहर निकल आई हैं। खराब सड़क के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौके पर लगे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के बोर्ड के अनुसार इस सड़क की लंबाई 2.978 किलोमीटर है। बोर्ड पर निर्माण पैकेज क्रमांक MP-06-718 दर्ज है और सड़क निर्माण की पूर्णता तिथि 12 मार्च 2025 बताई गई है। वहीं, आगामी पांच वर्षों के सामान्य संधारण कार्य के लिए 8.89 लाख रुपये की राशि निर्धारित होने का उल्लेख भी बोर्ड पर किया गया है।

सड़क पर गड्ढे या गड्ढों में सड़क?

सड़क की मौजूदा स्थिति को देखकर कई जगहों पर गड्ढे ही गड्ढे नजर आते हैं। बारिश के बाद सड़क की स्थिति और खराब होने की बात सामने आ रही है। गड्ढों और उखड़ी हुई गिट्टी के कारण दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी हो रही है। वहीं, सड़क पर बने गहरे गड्ढों के चलते हादसे की आशंका भी बनी हुई है।

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निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता के मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण पूरा होने के कुछ समय बाद ही सड़क की ऊपरी परत उखड़ने लगी और अब कई स्थानों पर गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराई जाए, जिससे निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री, सड़क की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के पालन की स्थिति स्पष्ट हो सके।

बोर्ड पर दर्ज है ठेकेदार और एजेंसी का नाम

सड़क के निर्माण संबंधी बोर्ड पर ठेकेदार के रूप में लकी कंस्ट्रक्शन कंपनी, छतरपुर (मध्यप्रदेश) का नाम दर्ज है। वहीं, क्रियान्वयन एजेंसी के रूप में महाप्रबंधक, मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, छतरपुर का उल्लेख किया गया है।

जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क का निरीक्षण करें और निर्माण की गुणवत्ता, उपयोग की गई सामग्री तथा सड़क के क्षतिग्रस्त होने के कारणों की जांच कराएं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए और सड़क की मरम्मत गुणवत्तापूर्ण तरीके से कराई जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को आवागमन में राहत मिल सके।

बड़ा सवाल

जब सड़क का निर्माण 12 मार्च 2025 को पूर्ण हुआ था और पांच वर्षों के सामान्य संधारण के लिए 8.89 लाख रुपये की राशि भी निर्धारित की गई है, तो इतने कम समय में सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और जगह-जगह बड़े गड्ढे बनने की नौबत क्यों आई? अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में निरीक्षण और तकनीकी जांच कराकर सड़क की वास्तविक स्थिति सामने लाता है या नहीं।

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