Edited By meena, Updated: 03 Feb, 2026 08:06 PM

केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संसदीय क्षेत्र के अशोकनगर जिले के मरूप गांव में दिव्यांगजन एवं वृद्धजन सहायक उपकरण वितरण शिविर को संबोधित किया...
अशोकनगर : केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संसदीय क्षेत्र के अशोकनगर जिले के मरूप गांव में दिव्यांगजन एवं वृद्धजन सहायक उपकरण वितरण शिविर को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने 1 हजार 237 लाभार्थियों को आधुनिक सहायक उपकरण वितरित करते हुए स्पष्ट किया कि यह आयोजन केवल उपकरणों का वितरण नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त कदम है।
सिंधिया ने सेवा की अपनी पारिवारिक परंपरा को दोहराते हुए कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल में सेवा सिंधिया परिवार के लिए शासन का विषय नहीं, बल्कि पीढ़ियों से निभाया जा रहा एक पवित्र कर्तव्य है। उन्होंने बताया कि पूरे संसदीय क्षेत्र में कुल 8,240 दिव्यांगजनों तक सेवा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें अशोकनगर के 1,456, गुना के 1,745 और शिवपुरी के 5,250 दिव्यांगजन शामिल हैं।
सिंधिया के अनुसार, यह कोई महज आंकड़ा नहीं है, बल्कि 8,240 परिवारों की गरिमा और भविष्य से जुड़ा एक संकल्प है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकलांग शब्द के स्थान पर दिव्यांग शब्द देकर पूरे देश की संवेदना और दृष्टिकोण को नई दिशा दी है। उन्होंने ऋषि अष्टावक्र, वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग और पैरालंपिक विजेता देवेंद्र झाझरिया का उदाहरण देते हुए कहा कि सामर्थ्य शरीर की सीमाओं में नहीं, बल्कि संकल्प में होता है।

सिंधिया ने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी 32 दिव्यांगजनों को सम्मानित कर समाज को नई प्रेरणा दी है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को भरोसा दिलाते हुए कहा, आपका यह सैनिक आपके सम्मान और सशक्तिकरण के लिए सदैव आपके साथ खड़ा रहेगा। अंत में उन्होंने सभी से विकसित भारत 2047 के संकल्प में सहभागी बनने और दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान किया।