जिस UGC कानून की वजह से PM मोदी से अपने भी हो गए नाराज, उसके पीछे है MP के पूर्व CM का दिमाग

Edited By Desh sharma, Updated: 27 Jan, 2026 11:24 PM

digvijay singh s influence behind the new ugc regulations

आजकल जो एक मुद्दा पूरे देश में चर्चित है और जिस पर घमासान मचा हुआ है,वह है UGC के नए नियम। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने जो नए नियम लाए हैं उस पर सामान्य वर्ग ने मोर्चा खोल रहा है।

(डेस्क): आजकल जो एक मुद्दा पूरे देश में चर्चित है और जिस पर घमासान मचा हुआ है,वह है UGC के नए नियम। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने जो नए नियम लाए हैं उस पर सामान्य वर्ग ने मोर्चा खोल रहा है।

UGC के नए नियमों के पीछे दिग्विजय सिंह की अहम भूमिका

लेकिन क्या आपको पता है कि इन नियमों को लाने में मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की अहम भूमिका है। जी हां दिग्विजय सिंह की संसदीय समिति की सिफारिशों पर ही इन नियमों में ओबीसी और दिव्यांगों के साथ भेदभाव रोकने के कड़े प्रावधान और कमेटियों में 50% आरक्षण की बात कही गई है।.   

दरअसल दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली शिक्षा, महिला, बाल और युवा मामलों की संसदीय समिति ने साल 2025 में इन नियमों को लेकर गहरा मंथन किया था। इसके बाद ही समिति ने यूजीसी के 2012 के नियमों को बदलने के लिए सख्त सुझाव दिए थे। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की अगुवाई वाली इस समिति ने इस बात पर भी नाराजगी जताई थी कि इन नियमों को लाने में इतनी देरी क्यों हुई?

दरसअल पहले ड्राफ्ट में OBC जातियों के साथ होने वाला जातीय भेदभाव को स्पष्ट रूप से दायरे में नहीं रखा गया था। इस पर दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली शिक्षा संबंधी संसदीय समिति ने नाराजगी जताई । उन्होंने सिफारिश की कि पिछड़ों के साथ होने वाले भेदभाव को भी SC-ST के मामले जैसा गंभीर माना जाए।

इक्विटी कमेटी में प्रतिनिधित्व के नये फॉर्मूला पर भी मचा है घमासान

वहीं संस्थानों के भीतर बनने वाली 'इक्विटी कमेटी'  में भी समिति ने सिफारिश की कि इस कमेटी में SC, ST और OBC वर्गों के प्रतिनिधियों की संख्या आधे से अधिक होनी चाहिए। इस कमेटी में जनरल कैटेगरी से किसी सदस्य को नहीं रखने को लेकर विरोध हो रहा है। इसी को लेकर सामान्य वर्ग को इन नियमों पर संदेह हो रहा है।

अगर शिकायत झूठी पाई गई तो भी कोई कार्रवाई नहीं होगी

नए नियमों जिस और एक बिंदू पर विरोध हो रहा है वो है शिकायत के झूठी पाए जाने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होने का प्रावधान।  जबकि UGC के शुरुआती ड्राफ्ट में प्रावधान था कि अगर कोई शिकायत झूठी पाई जाती है, तो शिकायतकर्ता पर जुर्माना लगाया जाएगा।  दिग्विजय सिंह की समिति ने इसे हटाने का सुझाव दिया। तर्क था कि जुर्माने के डर से पीड़ित छात्र शिकायत करने से हिचकिचा सकते हैं।

शिक्षा, महिला, बाल और युवा मामले संसदीय समिति के चेयरमैन हैं दिग्विजय

दिग्विजय सिंह ही वर्तमान में शिक्षा, महिला, बाल और युवा मामलों की संसदीय समिति के चेयरमैन हैं। उनकी अध्यक्षता वाली इस बहुदलीय समिति की समीक्षा और सिफारिशों के बाद UGC ने नियमों को फाइनल टच दिया और इतने कड़े प्रावधान कर दिए कि सामान्य वर्ग को इनके खिलाफ मोर्चा खोलना पड़ा।

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!