सिंधिया की बैठक से कई विधायक-पार्षद गायब, बंद कमरे में नेताओं को कही ये बड़ी बात; पार्टी में बढ़ी हलचल

Edited By Vandana Khosla, Updated: 30 Jun, 2026 12:15 PM

several mlas and councilors absent from scindia s meeting

गुनाः इन दिनों केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तीन दिवसीय दौरे पर गुना में पहुंचे हुए थे। इस दौरान एक बंद कमरे में भाजपा नेताओं की अहम बैठक आयोजित की गई। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों से पता चला है कि बैठक में भाजपा संगठन की मजबूती पर चर्चा की जगह...

गुनाः इन दिनों केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तीन दिवसीय दौरे पर गुना में पहुंचे हुए थे। इस दौरान एक बंद कमरे में भाजपा नेताओं की अहम बैठक आयोजित की गई। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों से पता चला है कि बैठक में भाजपा संगठन की मजबूती पर चर्चा की जगह अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ नाराजगी जताई गई है। वहीं, केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने सभी नेताओं को कड़े लहजे में नसीहत दी है। सिंधिया ने दो टूक कहा कि यह पार्टी अम्मा-महाराज के सिद्धांतों और प्रयासों से खड़ी हुई है। इसीलिए नेता शिकायत करने की जगह पार्टी को मजबूत बनाने में योगदान करें।

जानकारी के मुताबिक, गुना से सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बैठक में कई विधायक और पार्षद गायब रहे। बैठक में विधायक पन्नालाल शाक्य, प्रियंका मीना, पूर्व विधायक राजेंद्र सलूजा, राधेश्याम पारीख समेत गुना नगरपालिका के अधिकांश भाजपा पार्षद गायब रहे। सूत्रों की मानें तो पार्षद नपा अध्यक्ष की कार्यशैली और मनमानी से लंबे समय से खफा हैं। बार-बार शिकायत के बाद भी जब अध्यक्ष के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्षदों ने विरोध स्वरूप इस बार सिंधिया से मुलाकात करने से भी दूरी बना ली।

वहीं, पार्टी के भीतर शिकायतों को लेकर सांसद सिंधिया ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने नेताओं को नसीहत देते कहा कि एक दूजे की कमियां गिनाने की जगह पार्टी को मजबूत करने बनाने पर विचार करें। साथ ही अपनी-अपनी भूमिका निभाए। ताकि, पार्टी को शिखर तक ले जाया जा सके। सिंधिया ने दो टूक शब्दों में कहा कि आप लोग मुझे कोई ऐसा सकारात्मक काम बताइए जो आपने संगठन या जनता के हित में खुद आगे बढ़कर किया हो। हर बात में शिकायत करना बंद होना चाहिए।

बैठक के बाद भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने जिले में बढ़ते राजनीतिक असंतोष के असली कारणों का खुलासा किया। नेताओं के मुताबिक, पूर्व में प्रदेश कार्यकारिणी में गुना जिले से 10 नेताओं को प्रतिनिधित्व मिला हुआ था, जिससे हर गुट और क्षेत्र का संतुलन बना हुआ था। वर्तमान कार्यसमिति में केवल तीन नेताओं हरीसिंह यादव, महेंद्र सिंह सिसौदिया और गजेंद्र सिकरवार को ही जगह दी गई है।

जबकि पूर्व में शामिल रहे राजेंद्र सलूजा, गोविंद राठी और राधेश्याम पारीख जैसे कद्दावर चेहरे बाहर कर दिए गए हैं। असंतुष्ट धड़े का यह भी आरोप है कि गुना भाजपा में एक व्यक्ति, एक पद के स्थापित सिद्धांत का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे जमीनी नेताओं के अधिकार मारे जा रहे हैं। नेताओं ने सीधे सिंधिया से सवाल किया कि अगर कार्यकर्ताओं को इस तरह हाशिए पर धकेला जाएगा, तो क्षेत्र में पार्टी कैसे मजबूत होगी? वर्तमान में स्थिति यह है कि प्रशासन का कोई भी अधिकारी भाजपा संगठन या कार्यकर्ताओं की बात सुनने तक को तैयार नहीं है।

 

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