Edited By meena, Updated: 16 Mar, 2026 05:11 PM

चैत्र नवरात्रि से ठीक पहले धार्मिक नगरी डोंगरगढ़ में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत ने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। पिछले 10–12 दिनों से शहर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई लगभग ठप बताई जा रही है
डोंगरगढ़ (हेमंत पाल) : चैत्र नवरात्रि से ठीक पहले धार्मिक नगरी डोंगरगढ़ में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत ने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। पिछले 10–12 दिनों से शहर में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई लगभग ठप बताई जा रही है, जिसके चलते होटल और भोजनालय संचालकों के सामने रोज़गार बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई होटल संचालकों ने अपने प्रतिष्ठान बंद करने तक का मन बना लिया है। जानकारी के मुताबिक मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव और आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं का असर अब देश के कई हिस्सों की तरह मध्य भारत के शहरों में भी दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में डोंगरगढ़ भी प्रभावित हो रहा है, जहां होटल व्यवसाय से जुड़े लोगों को कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। सोमवार को इस समस्या से परेशान होटल व्यवसायी कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की।
व्यवसायियों का कहना है कि उन्हें कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जबकि होटल में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग करने पर प्रशासन की ओर से छापामार कार्रवाई की जाती है। ऐसे में उनके सामने काम बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बच रहा है। होटल संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई शुरू नहीं हुई तो नवरात्र के दौरान शहर के कई होटल बंद रह सकते हैं। इसका सीधा असर लाखों श्रद्धालुओं पर पड़ेगा, जो हर साल चैत्र नवरात्रि में मां बम्लेश्वरी मंदिर के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
मामले की गंभीरता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि नवरात्र के दौरान मंदिर ट्रस्ट को भी प्रसाद, भंडारा और अन्य व्यवस्थाओं के लिए बड़ी संख्या में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की जरूरत होती है। ऐसे में शहर में गैस आपूर्ति की कमी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। इस पूरे मामले पर एसडीएम एम भार्गव का कहना है कि समस्या की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी जा रही है और जल्द ही समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, ताकि नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यवसायियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।