Edited By meena, Updated: 19 Mar, 2026 08:19 PM

बोरी थाना क्षेत्र में वर्षों से पनप रहे अवैध गांजा, शराब और सट्टे के कारोबार पर आखिरकार बड़ी चोट पड़ी है। ग्राम नवागांव बोरी निवासी ऋषि सेन (32 वर्ष), पिता आनंद कुमार सेन को 5 किलो 600 ग्राम...
बोरी (हेमंत पाल) : बोरी थाना क्षेत्र में वर्षों से पनप रहे अवैध गांजा, शराब और सट्टे के कारोबार पर आखिरकार बड़ी चोट पड़ी है। ग्राम नवागांव बोरी निवासी ऋषि सेन (32 वर्ष), पिता आनंद कुमार सेन को 5 किलो 600 ग्राम अवैध गांजा के साथ गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई सीधे जिला स्तर से गठित विशेष टीम द्वारा की गई, जिसने स्थानीय स्तर पर चल रही ढिलाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लगातार शिकायतें… लेकिन कार्रवाई क्यों नहीं?
बोरी और लिटिया क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से अवैध गांजा और शराब बिक्री की शिकायत करते आ रहे थे। गांवों में खुलेआम नशे का कारोबार चलने की चर्चाएं आम थीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार सूचना देने के बावजूद बोरी थाना स्तर पर ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती बरती जाती तो अवैध कारोबार इस स्तर तक नहीं पहुंचता।
SDOP की सख्ती से टूटी चुप्पी
जिले की वरिष्ठ पुलिस अधिकारी डॉ. चित्रा वर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम गठित की। इसी टीम ने दबिश देकर 5 किलो 600 ग्राम गांजा जब्त किया और आरोपी को गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया कि यदि इच्छाशक्ति हो तो अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।
बोरी पुलिस पर उठ रहे गंभीर सवाल
- क्या स्थानीय स्तर पर निगरानी कमजोर थी?
- क्या शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया?
- आखिर अवैध गतिविधियां इतने लंबे समय तक कैसे चलती रहीं?
- क्षेत्र में यह चर्चा है कि यदि जिला स्तर से पहल न होती तो शायद यह कार्रवाई भी टल जाती। ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय पुलिस की
- निष्क्रियता ने अवैध कारोबारियों के हौसले बढ़ाए।
तस्करों में हड़कंप, जनता में उम्मीद
SDOP की इस कार्रवाई के बाद अवैध शराब और गांजा तस्करों में खलबली मच गई है। कई संदिग्ध तत्व क्षेत्र से गायब बताए जा रहे हैं।
वहीं आम लोगों के भीतर यह उम्मीद जगी है कि अब नियमित अभियान चलाकर नशे के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ा जाएगा।
SDOP का स्पष्ट संदेश
डॉ. चित्रा वर्मा ने दो टूक कहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और अभियान लगातार चलाया जाएगा।
अब सबसे बड़ा सवाल
क्या बोरी थाना क्षेत्र में आगे भी ऐसी ही सख्ती देखने को मिलेगी?
क्या स्थानीय स्तर पर जवाबदेही तय होगी?
फिलहाल इस कार्रवाई ने यह संदेश जरूर दे दिया है कि यदि उच्च स्तर से निगरानी हो तो अवैध कारोबारियों के दिन गिने-चुने रह जाते हैं। अब जनता की नजर इस बात पर है कि बोरी क्षेत्र में यह सख्ती स्थायी रूप लेती है या नहीं।