Edited By Desh Raj, Updated: 03 Jun, 2026 04:17 PM

सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार मारपीट मामले के हर दिन नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। पहले राजस्व कर्मचारियो ने विधायक की गिरफ्तारी को लेकर मोर्चा खोला फिर विधायक के समर्थकों ने नायब तहसीलदार के गिरफ्तारी के लिए ज्ञापन सौंपा।
(सरगुजा): सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो और नायब तहसीलदार मारपीट मामले के हर दिन नए घटनाक्रम सामने आ रहे हैं। पहले राजस्व कर्मचारियो ने विधायक की गिरफ्तारी को लेकर मोर्चा खोला फिर विधायक के समर्थकों ने नायब तहसीलदार के गिरफ्तारी के लिए ज्ञापन सौंपा। अब हड़ताल पर गए तहसीलदारों के लिए सरगुजा कलेक्टर का निर्देश आ चुका है और काम पर लौटने के लिए कहा गया है, साथ ही कहा गया है कि वापिस काम पर नहीं लौटे तो एक्शन लिया जाएगा।
दरअसल छत्तीसगढ़ के तहसीलदार और नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं. वे नायब तहसीलदार तुषार मानिक से मारपीट मामले में विधायक रामकुमार टोप्पो की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। इस हड़ताल के कारण तहसीलों में कामकाज ठप है जिससे लोगों को काफी समस्या हो रही है। कामकाज के लिए लोग परेशान होते दिखाई दे रहे हैं।इसी समस्या को देखते हुए सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने हड़ताल कर रहे तहसीलदारों को कड़े निर्देश दिए हैं.
सरगुजा कलेक्टर का काम पर लौटने का निर्देश
दरअसल सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने तहसीलदारों की हड़ताल को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं, कलेक्टर ने नायब तहसीलदार और तहसीलदार को काम पर लौटने को लेकर अपनी मंशा जाहिर कर दी है।
कांग्रेस भी इस मामले में कूदी
वहीं इस जारी विवाद को लेकर कांग्रेस ने भी राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा है और छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि विधायक ने पारिवारिक हित के लिए नायब तहसीलदार पर हमला किया गया है, प्रदेश में कानून व्यवस्था फेल है। लिहाजा गौर किया जाए तो प्रदेश में ये मामला तूल ही पकड़ती जा रहा है।