Edited By meena, Updated: 06 Aug, 2022 03:32 PM

जगदलपुर में ईमानदारी का अनोखा मामला देखने को मिला है। जहां सोने के गहने मिलने के बावजूद भी महिला का ईमान नहीं ढोला और उसने इन गहनों को उसके असली मालिक तक पहुंचाने की पूरी कोशिश की। महिला इस कोशिश में कामयाब भी हुई।
जगदलपुर(सुमीत सेंगर): जगदलपुर में ईमानदारी का अनोखा मामला देखने को मिला है। जहां सोने के गहने मिलने के बावजूद भी महिला का ईमान नहीं ढोला और उसने इन गहनों को उसके असली मालिक तक पहुंचाने की पूरी कोशिश की। महिला इस कोशिश में कामयाब भी हुई। दरअसल, जगदलपुर बालाजी वार्ड की रहने वाली शीला नेताम किसी काम से झनकार टाकिज चौक गई हुई थी। तभी उसकी नजर एक पर्स पर पड़ी। महिला ने अपनी गाड़ी रोकी और उसको खोलकर देखा तो पर्स में दो सोने के झुमके थे। उन्होंने इधर उधर देखा लेकिन वहां कोई नहीं था।
इसके बाद वह सीधे कोतवाली थाने पहुंची और थाना प्रभारी एमन साहू को पूरा वाक्य बताया व गहनों वाला पर्स थाना प्रभारी को सौंप दिया। कुछ ही देर बाद जिस महिला का सामान गुम गया था। वह भी कोतवाली थाना पहुंच गई और उस महिला ने थाना प्रभारी को आपबीती बात सुनाई। थाना प्रभारी ने उस महिला को वह सोने का झुमका दिखाया तो वह पहचान गई। तब थाना प्रभारी ने शीला नेताम को बुलवाया और उन्हीं के हाथ से सोने के झुमके उस महिला को वापस दिलाएं।

गुमा हुआ सोना पाते ही महिला के चेहरे पर खुशी देखने को मिली यदि इसी प्रकार हर व्यक्ति अपना दायित्व निभाए तो लोगों के गुम हुए सामान मिल सकते इसीलिए कहते हैं इमानदारी व इंसानियत आज भी जिंदा है। गुम हुए झुमका पाने के बाद शांतिनगर निवासी शीतल श्रीवास्तव ने बस्तर पुलिस के साथ थाना प्रभारी एमन साहू व शीला नेताम को बहुत-बहुत धन्यवाद ज्ञापित किया।