सोमवती अमावस्या पर दर्दनाक हादसाः स्नान के दौरान नर्मदा में डूबा युवक, पलक झपकते थम गई सांसे

Edited By Vandana Khosla, Updated: 15 Jun, 2026 06:40 PM

tragic incident on somvati amavasya youth drowns in the narmada while

खंडवा (मुश्ताक मंसूरी): विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग नगरी ओंकारेश्वर में सोमवार को अधिकमास की सोमवती अमावस्या पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। नागर घाट पर नर्मदा स्नान के दौरान एक युवक डूब गया और उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद प्रशासनिक लापरवाही ने परिजनों...

खंडवा (मुश्ताक मंसूरी): विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग नगरी ओंकारेश्वर में सोमवार को अधिकमास की सोमवती अमावस्या पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। नागर घाट पर नर्मदा स्नान के दौरान एक युवक डूब गया और उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद प्रशासनिक लापरवाही ने परिजनों का जख्म और गहरा कर दिया।

एंबुलेंस नहीं आई, शव कपड़े में बांधकर ले जाना पड़ा  
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक के डूबते ही परिजनों ने 108 एंबुलेंस को सूचना दी। लेकिन काफी देर इंतजार के बाद भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। मजबूर परिजनों को मृतक का शव कपड़े में बांधकर कंधे पर उठाकर अस्पताल तक ले जाना पड़ा। घाट पर अफरा-तफरी मच गई। स्ट्रेचर और त्वरित राहत के अभाव में निकली शवयात्रा का मर्मांतक दृश्य देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं।

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आस्था के केंद्र में अव्यवस्था का मंजर  
सोमवती अमावस्या होने से सोमवार को नागर घाट पर हजारों श्रद्धालु नर्मदा स्नान के लिए पहुंचे थे। भीड़ बढ़ने से हादसे के बाद घाट और आसपास के इलाकों में जाम लग गया। श्रद्धालुओं को घंटों आवागमन में परेशानी झेलनी पड़ी। अव्यवस्था का आलम यह रहा कि आपदा के समय भी कोई व्यवस्थित रेस्क्यू टीम या स्वास्थ्य दल समय पर नहीं पहुंच सका।

दावों की खुली पोल, जवाबदेही पर सवाल  
ओंकारेश्वर में हर पर्व-त्योहार पर प्रशासन सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के बड़े दावे करता है। लेकिन इस घटना ने उन दावों की हकीकत सामने रख दी। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि अगर समय पर 108 एंबुलेंस और गोताखोर टीम पहुंच जाती तो परिजनों को यह पीड़ा नहीं झेलनी पड़ती।

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जांच और कार्रवाई की मांग  
लोगों ने मांग की है कि 108 सेवा के देरी से पहुंचने की निष्पक्ष जांच हो और लापरवाह अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही तीर्थनगरी में स्थायी आपातकालीन व्यवस्था, घाटों पर गोताखोर, स्ट्रेचर और एम्बुलेंस की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

पुलिस ने मामला दर्ज कर मृतक की पहचान और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है - आस्था की नगरी में श्रद्धालुओं की जान की कीमत आखिर क्या है?

 

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