Edited By meena, Updated: 21 Mar, 2026 03:44 PM

मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रानी अवंतीबाई लोधी के 168वें बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी मंच...
नरसिंहपुर: मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रानी अवंतीबाई लोधी के 168वें बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम उस समय विवादों में घिर गया, जब कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी मंच पर ही खुलकर सामने आ गई।
मंच पर ही शुरू हुआ विवाद
जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जनपद मैदान कॉम्प्लेक्स के सामने आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं के बीच अचानक तीखी झड़प शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि मंच पर ही गाली-गलौज होने लगी, जिससे कार्यक्रम की गरिमा पर सवाल खड़े हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया।
भाषण की अवधि बना विवाद की वजह
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद नकुल नाथ मौजूद थे। इसी दौरान लोधी समाज के नेता एवं पूर्व प्रत्याशी लाखन सिंह पटेल का भाषण लंबा खिंच गया। कार्यक्रम प्रबंधन द्वारा उन्हें भाषण समाप्त करने का संकेत दिया गया, जिस पर उनका पक्ष नाराज हो गया और यहीं से विवाद की शुरुआत हुई।
बहस से बढ़ा तनाव
लाखन सिंह पटेल के दामाद कपिल सिंह ने इस पर आपत्ति जताई और आयोजकों से बहस करने लगे। कुछ समय के लिए मामला शांत हुआ, लेकिन अंदरूनी असंतोष बना रहा।
दोबारा भड़का विवाद
जैसे ही नकुल नाथ अपना भाषण खत्म कर मंच से नीचे उतरे, कपिल सिंह और कार्यक्रम प्रबंधन के बीच फिर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला गाली-गलौज तक पहुंच गया। इस दौरान पूर्व विधायक सुनील जायसवाल भी विवाद में कूद पड़े, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
कार्यक्रम में अफरा-तफरी
हंगामे के चलते कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी जैसे हालात बन गए। जिस आयोजन का उद्देश्य एक महान स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि देना था, वह राजनीतिक विवाद और गुटबाजी की भेंट चढ़ गया। यह घटना कांग्रेस के भीतर स्थानीय स्तर पर मौजूद गुटबाजी और समन्वय की कमी को उजागर करती है, जो सार्वजनिक आयोजनों की छवि पर भी असर डालती है।