Edited By meena, Updated: 05 May, 2022 03:28 PM

प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती। ऐसा ही एक उदाहरण देखने को मिला है इंदौर में। यहां एक सब्जी विक्रेता की बेटी ने सिविल जज ग्रेड प्रवेश स्तर की भर्ती 2019 परीक्षा में मेरिट लिस्ट में जगह बनाई। 25 वर्षीय अंकिता नागर सिविल जज परीक्षा में एससी...
इंदौर(गौरव कंछल): प्रतिभा कभी संसाधनों की मोहताज नहीं होती। ऐसा ही एक उदाहरण देखने को मिला है इंदौर में। यहां एक सब्जी विक्रेता की बेटी ने सिविल जज ग्रेड प्रवेश स्तर की भर्ती 2019 परीक्षा में मेरिट लिस्ट में जगह बनाई। 25 वर्षीय अंकिता नागर सिविल जज परीक्षा में एससी कोटे में 5वां स्थान हासिल किया। अंकिता के पिता अशोक नागर मूसाखेड़ी क्षेत्र में ठेले पर सब्जी बेचते हैं। फिलहाल बेटी की इस सफलता पर पूरा परिवार बहुत खुश है और मानता है कि अब उनके संघर्ष के दिन समाप्त होंगे।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय द्वारा सिविल जज ग्रेड प्रवेश स्तर की भर्ती 2019 के रिजल्ट पिछले दिनों जारी हुए। 252 पदों के लिए वैकेंसी जारी की गई थी, जबकि इनमें 134 अभ्यर्थियों का सिलेक्शन हुआ है। इनमें इंदौर की बेटी अंकित नागर भी शामिल है। अंकिता की उपलब्धि इसलिए बड़ी कही जाएगी क्योंकि उनका पूरा परिवार सब्जी बेचता हैं। अंकिता भी परिजनों के साथ सब्जी बेचती है।

हालांकि इस दौरान उन्होंने इस परीक्षा के लिए बहुत मेहनत की। वे प्रतिदिन 8 घंटे पढ़ाई करती थी और अपने तीसरे अटेम्प्ट में वे मेरिट लिस्ट में जगह बनाने में कामयाब हुई। अंकिता ने बताया कि उन्होंने खुद के लिए छोटे छोटे लक्ष्य निर्धारित किये थे और उन्हें पूरा कर ही वे आज इस मुकाम तक पहुंची।

अंकिता ने 2017 में वैष्णव कॉलेज से एलएलबी किया जबकि 2021 में एलएलएम की परीक्षा पास की। इस दौरान वे लगातार सिविल जज की तैयारी कर रही थी। इसमें स्कॉलरशिप से काफी मदद मिली। अंकिता के माता-पिता दोनों सब्जी का ठेला लगाकर बेचते हैं जबकि बड़ा भाई रेत मंडी में मजदूरी करता है। अंकिता की एक छोटी बहन है जिसकी शादी हो चुकी है। ऐसे में वे अपनी सफलता का श्रेय परिवार, शिक्षक़ों और दोस्तों को देती है।

अंकिता की उपलब्धि से पूरा परिवार खुश है। पिता अशोक नागर बताते है कि आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के बावजूद उन्होंने बड़ी मुश्किल से पढ़ाई के इंतजाम किए। उन्हें उनके एक मित्र से प्रेरणा मिली जिनकी बेटी मेहनत से डॉक्टर बनी। वहीं से अशोक नागर ने तय किया कि वे भी अपनी बेटी को अच्छी शिक्षा देंगे।