BJP के दो जिलाध्यक्षों में नाश्ते को लेकर घमासान! वायरल ऑडियो में इस्तीफा देने तक पहुंची बात

Edited By Himansh sharma, Updated: 31 Jul, 2026 07:32 PM

viral bjp call triggers political storm

छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस समय किसी चुनावी मुद्दे या सरकार के फैसले से ज्यादा चर्चा एक कथित वायरल ऑडियो की हो रही है।

भिलाई/रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में इस समय किसी चुनावी मुद्दे या सरकार के फैसले से ज्यादा चर्चा एक कथित वायरल ऑडियो की हो रही है। यह ऑडियो भाजपा के दो जिला पदाधिकारियों के बीच हुई बातचीत से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें पार्टी कार्यक्रम के दौरान नाश्ते, पानी और स्वागत व्यवस्था के खर्च को लेकर तीखी बहस सुनाई देती है। मामला इतना बढ़ गया कि बातचीत में इस्तीफा देने तक की नौबत आ गई। ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद अब कांग्रेस ने इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना लिया है।जानकारी के अनुसार वायरल ऑडियो भाजपा भिलाई जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष खगेश कोसरिया के बीच हुई बातचीत का बताया जा रहा है। हालांकि इस ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत गर्मा गई है।

कार्यक्रम की व्यवस्था पर बढ़ा विवाद

कथित बातचीत में जिला अध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन आगामी संगठनात्मक कार्यक्रम के लिए बेहतर आतिथ्य व्यवस्था की बात करते सुनाई देते हैं। उनका कहना है कि बाहर से आने वाले अतिथियों के सामने संगठन की छवि मजबूत दिखनी चाहिए, इसलिए नाश्ता, पानी और स्वागत की व्यवस्था गरिमापूर्ण होनी चाहिए।वहीं दूसरी ओर खगेश कोसरिया अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहते हैं कि उनका कारोबार लंबे समय से प्रभावित है और वे अतिरिक्त खर्च उठाने की स्थिति में नहीं हैं। उनका सुझाव था कि सीमित संसाधनों में समोसा, जलेबी, चाय और पानी जैसी सामान्य व्यवस्था कर कार्यक्रम संपन्न कराया जा सकता है।

खर्च को लेकर बढ़ी तल्खी

कथित ऑडियो में बहस उस समय तेज हो जाती है, जब कार्यक्रम के खर्च को लेकर दोनों नेताओं के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगते हैं। बातचीत में यह भी सुनाई देता है कि यदि संगठन की जिम्मेदारी संभाली है तो उसकी गरिमा के अनुरूप व्यवस्थाएं भी होनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए यह कहा गया कि अपनी क्षमता से अधिक खर्च करना संभव नहीं है और उधार लेकर कार्यक्रम आयोजित करना उचित नहीं माना जा सकता। इसी दौरान कथित बातचीत में संगठन नहीं संभाल पाने की स्थिति में पद छोड़ने और आवश्यकता पड़ने पर इस्तीफा देने जैसी बातें भी सामने आती हैं, जिससे विवाद और गहरा हो जाता है।

कांग्रेस ने साधा निशाना

ऑडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने इसे अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने तंज कसते हुए कहा कि जब जनता महंगाई, बेरोजगारी और मूलभूत समस्याओं से जूझ रही है, तब भाजपा के नेता नाश्ते और समोसे के खर्च पर उलझे हुए हैं।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सत्ता का ध्यान जनहित के मुद्दों से हटकर संगठन के दिखावे और आंतरिक व्यवस्थाओं पर केंद्रित हो गया है। पार्टी ने कटाक्ष करते हुए लिखा कि मलाई कम पड़ गई, इसलिए अब समोसे पर संग्राम छिड़ गया है।

भाजपा की ओर से नहीं आया आधिकारिक बयान

फिलहाल वायरल ऑडियो को लेकर भाजपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं ऑडियो की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हो सकी है। बावजूद इसके यह मामला सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बना हुआ है और आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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