Edited By Vandana Khosla, Updated: 28 Apr, 2026 12:30 PM

बालोदः छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गन्ना उत्पादक किसान इन दिनों भुगतान के इंतजार में परेशान हैं। किसानों ने दो से तीन माह पहले ही गन्ना बेच दिया था, लेकिन अब तक उन्हें पूरी राशि नहीं मिल सकी है। शक्कर कारखाना प्रबंधन के अनुसार करीब 300 किसानों का...
बालोदः छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गन्ना उत्पादक किसान इन दिनों भुगतान के इंतजार में परेशान हैं। किसानों ने दो से तीन माह पहले ही गन्ना बेच दिया था, लेकिन अब तक उन्हें पूरी राशि नहीं मिल सकी है। शक्कर कारखाना प्रबंधन के अनुसार करीब 300 किसानों का लगभग 5.50 करोड़ रुपए भुगतान अभी भी लंबित है।
मिली जानकारी के मुताबिक कारखाने में उत्पादित शक्कर का उठाव नागरिक आपूर्ति निगम (नान) द्वारा नहीं किए जाने के कारण भुगतान अटका हुआ है। नान का कहना है कि शासन से अभी आवंटन नहीं मिला है, इसलिए शक्कर का उठाव भी नहीं हो पाया है। ऐसे में कारखाने को राशि नहीं मिलने से किसानों को भुगतान में देरी हो रही है। किसानों का कहना है कि धान की तरह गन्ने की फसल के लिए भी त्वरित भुगतान की व्यवस्था होनी चाहिए। ग्राम परसतरई के किसान यशवंत देशमुख ने बताया कि उन्होंने करीब 2000 क्विंटल गन्ना बेचा, लेकिन तीन महीने बाद भी लगभग 7 लाख रुपए का भुगतान नहीं हुआ है। इससे उन्हें खेती के अगले कार्यों में परेशानी हो रही है।
देवगहन के लोकेन्द्र साहू और बोरगहन के जोहन राम ठाकुर ने कहा कि भुगतान में लगातार देरी के कारण किसान गन्ना उत्पादन से दूरी बना रहे हैं। यदि समय पर राशि मिले तो जिले में गन्ना उत्पादन और बढ़ सकता है। आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 762 किसानों ने गन्ना बेचा है। लगभग 3.67 लाख मीट्रिक टन गन्ने की पेराई कर करीब 37,500 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है। कुल खरीदी राशि 12.8 करोड़ रुपए है, जिसमें से साढ़े 5 करोड़ रुपए का भुगतान अभी शेष है।
किसानों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि गन्ना भुगतान की व्यवस्था में सुधार किया जाए और धान की तरह जल्द भुगतान सुनिश्चित किया जाए। वहीं, दंतेश्वरी मझ्या सहकारी शक्कर कारखाना के जिला अधिकारी राजेंद्र प्रसाद राठिया ने आश्वासन दिया है कि शेष किसानों को जल्द भुगतान किया जाएगा।