Edited By Desh sharma, Updated: 31 Jan, 2026 08:34 PM

सोने और चांदी की कीमतों को लेकर लगातार हाहाकार मचा हुआ है। दामों में चल रहे उतार-चढ़ाव के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। वहीं केंद्रीय बजट 2026 से पहले सोने और चांदी के बाजार में हलचल भी तेज हो गई है।
(डेस्क): सोने और चांदी की कीमतों को लेकर लगातार हाहाकार मचा हुआ है। दामों में चल रहे उतार-चढ़ाव के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है। वहीं केंद्रीय बजट 2026 से पहले सोने और चांदी के बाजार में हलचल भी तेज हो गई है। पिछले कुछ समय से लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई पर कीमतों के बाद पिछले कल यानीकि 30 जनवरी को कीमतों पर अंकुश लगा है ।
वहीं बात करें तो MCX पर सोना 1,49,075 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है, तो चांदी 2,91,922 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। इससे पहले 29 जनवरी को तो चांदी करीब 4 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को जा चुका था। इन सबके बीच अब सवाल उठ रहा है कि क्या बजट पेश होने के बाद सोने-चांदी के भाव क्या गोता खाएंगे या फिर नए रिकार्ड पर जाएंगे।
एक्सपर्ट्स बजट के फौरन बाद जता रहे हैं सोने –चांदी के दामों में गिरावट के आसार
बजट के बाद पीली और सफेद धातु की कीमतों में मार्केट एक्सपर्ट्स हल्के से मध्यम स्तर की गिरावट का आशंका जता रहे हैं। इसके पीछे दो मेजर वजहें हैं जिसकी वजह से ऐसा हो रहा है।
पहला जो कारण है वो है ज्वेलरी इंडस्ट्री की ओर से लगातार सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी घटाने की मांग। बजट में अगर वित्त मंत्री सीतारमण ड्यूटी कटौती का ऐलान करती हैं, तो घरेलू बाजार में कीमतों पर तुरंत दबाव बन सकता है।
दूसरी जो वजह है वो है पिछलों दिनों में रिकॉर्ड तेजी के बाद निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञ उम्मीद कर रहे हैं कि बजट के आसपास बड़े निवेशक प्रॉफिट बुकिंग कर सकते हैं, जिससे कीमतें नीचे आ सकती है।
हालांकि इसमें अल्पकाल में गिरावट की आशंका जताई जा रही है, वहीं दूसरी ओर आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के साथ ही ग्लोबल मार्केट विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि में सोने और चांदी का रुख मजबूत ही रहेगा। वहीं जो लोग सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए बजट का इंतजार करना बेहतर माना जा रहा है।