Edited By meena, Updated: 09 Apr, 2026 09:40 PM

मध्य प्रदेश की राजनीति में टीकमगढ़ आज अचानक सुर्खियों में आ गया, जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के दौरे ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी। स्वागत तो पूरे जिले में हुआ, लेकिन असली खबर बनी...
टीकमगढ़ (आमीर खान) : मध्य प्रदेश की राजनीति में टीकमगढ़ आज अचानक सुर्खियों में आ गया, जब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के दौरे ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी। स्वागत तो पूरे जिले में हुआ, लेकिन असली खबर बनी स्टेट बैंक चौराहा पर जहां पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव का अंदाज और प्रदेश अध्यक्ष का ठहराव, दोनों ही चर्चा का विषय बन गए।
सबसे बड़ा सवाल यही रहा कि पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव फिलहाल भाजपा में नहीं हैं, तो फिर प्रदेश अध्यक्ष का उनके पास रुकना क्या सिर्फ शिष्टाचार था या फिर सियासत की कोई नई पटकथा लिखी जा रही है। सूत्रों की मानें तो भाजपा टीकमगढ़ में अपने पुराने समीकरणों को फिर से साधने की कोशिश में है और अगर ऐसा है, तो केके श्रीवास्तव की वापसी की आहट को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। दिलचस्प बात यह भी है कि हाल ही में उनकी प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती से लंबी मुलाकात हुई थी, जिसने पहले ही अटकलों का बाजार गर्म कर दिया था। अब इन दो मुलाकातों को जोड़कर देखा जा रहा है। आपको बता दे कि केके श्रीवास्तव भाजपा के बहुत पुराने और जमीनी नेता रहे हैं।
दरअसल 2023 के विधानसभा चुनाव में वह निर्दलीय चुनाव लड़े थे तो उन्हें भाजपा ने बाहर का रास्ता दिखा दिया था। इसका खमियाजा भाजपा को टीकमगढ़ में हार के रूप में चुकाना पड़ा था। शायद इसलिए हेमंत खंडेलवाल अब पार्टी को मजबूत बनाने टीकमगढ़ में नई पटकथा रचने जा रहे हैं। हेमंत खंडेलवाल के पास पद भी भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं को एक करके पार्टी का झंडा पकड़ाने का है। हालांकि हकीकत क्या है यह तो आने वाला समय बताएगा।