Edited By Himansh sharma, Updated: 22 Feb, 2026 02:31 PM

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रक्रिया पर उच्च स्तर से निगरानी रखी जा रही है
खैरागढ़ (हेमंत पाल): छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई जब एक पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता के खिलाफ यौन शोषण के आरोप में छुईखदान थाने में एफआईआर दर्ज की गई। खास बात यह है कि शिकायत उसी दल की एक महिला नेत्री द्वारा दर्ज कराई गई है। मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार महिला नेत्री ने लिखित शिकायत के साथ अलग आवेदन देकर अपनी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का आग्रह किया है। आवेदन में उन्होंने आशंका जताई है कि पहचान सार्वजनिक होने से उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा और सामाजिक प्रतिष्ठा पर असर पड़ सकता है। पुलिस ने भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गोपनीयता बनाए रखने की बात कही है।
सूत्रों के अनुसार आरोपी नेता भारतीय जनता पार्टी से जुड़े वरिष्ठ चेहरों में गिने जाते हैं, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
उच्च स्तर पर निगरानी में जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रक्रिया पर उच्च स्तर से निगरानी रखी जा रही है। बताया जा रहा है कि जांच छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों और आईजी कार्यालय के दिशा-निर्देशों में की जा रही है। पुलिस टीम साक्ष्य संकलन, बयान दर्ज करने और इलेक्ट्रॉनिक व दस्तावेजी प्रमाणों की जांच में जुटी हुई है।
निष्पक्ष जांच का भरोसा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और किसी भी प्रकार का राजनीतिक या बाहरी दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच पूरी होने तक संयम बनाए रखें।
यह मामला अब सिर्फ एक आपराधिक जांच नहीं बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा, सामाजिक संवेदनशीलता और कानून व्यवस्था से जुड़ा बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और निष्कर्ष पर सबकी नजर बनी रहेगी।