Edited By meena, Updated: 21 Feb, 2026 09:03 PM

बच्चों से कथित यौन शोषण के आरोपों में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मामले में शनिवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत में सुनवाई...
एमपी डेस्क: बच्चों से कथित यौन शोषण के आरोपों में घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के मामले में शनिवार को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत में सुनवाई हुई। स्पेशल जज ने अविमुक्तेश्वरानंद समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि संबंधित धाराओं में तत्काल कार्रवाई की जाए। यह एफआईआर प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज की जाएगी।
माघ मेले के दौरान सामने आए आरोप
बताया जा रहा है कि प्रयागराज में माघ मेले के दौरान ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती विवादों में रहे। इसी दौरान उनकी सेवा में लगे आश्रम के बच्चों के साथ कथित यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए गए। यह आरोप श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और शाकुंभरी पीठाधीश्वर आशुतोष ब्रह्मचारी ने लगाए हैं।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने 28 जनवरी को प्रयागराज जिला अदालत में धारा 173(4) के तहत कंप्लेंट दर्ज कराने के लिए अर्जी दाखिल की थी। 13 फरवरी की सुनवाई में वह स्वयं अदालत में उपस्थित हुए थे। इस दौरान दो नाबालिग लड़कों के बयान कैमरे के सामने दर्ज किए गए।
एडीजे रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट का निर्देश
शिकायतकर्ता की अर्जी पर एडीजे रेप एंड पॉक्सो स्पेशल कोर्ट में दो तारीखों पर सुनवाई हुई। 21 फरवरी को अदालत ने मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दे दिया। शिकायत में कहा गया है कि माघ मेले के दौरान एक नाबालिग और एक बालिग युवक ने स्वामी पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि जो युवक अब बालिग है, उसके साथ कथित घटना उस समय हुई बताई गई है, जब वह नाबालिग था। गौरतलब है कि आशुतोष ब्रह्मचारी मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद में भी वादी रहे हैं। फिलहाल अदालत के आदेश के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और सियासी हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
आरोपी पक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार
कोर्ट के आदेश के बाद अब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज होने और विवेचना शुरू होने के बाद ही आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मामले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर हलचल बढ़ गई है।
फैसले पर शंकराचार्य की प्रतिक्रिया आई सामने
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ दायर किया गया मामला पूरी तरह फर्जी है और इसकी सच्चाई जल्द सामने आएगी। इस दौरान उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य का भी जिक्र किया और कहा कि आरोप किस ओर से आ रहे हैं, यह सबको पता है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि गौमाता के मुद्दे पर उनकी आवाज उठाने की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। मामले को लेकर धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। फिलहाल सभी की नजर न्यायालय की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।