Edited By Himansh sharma, Updated: 12 Jun, 2026 06:00 PM

छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चुनाव को लेकर शुक्रवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में अहम इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।
रायपुर। छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष चुनाव को लेकर शुक्रवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में अहम इंटरव्यू प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। संगठन के इस महत्वपूर्ण चरण में प्रदेशभर से पहुंचे 35 से अधिक दावेदारों का राजनीतिक भविष्य अब केंद्रीय स्क्रीनिंग और इंटरव्यू के मूल्यांकन पर निर्भर करेगा। सूत्रों के अनुसार, इंटरव्यू के बाद योग्य उम्मीदवारों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर आगे चुनावी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस संगठन के भीतर युवा नेतृत्व के नए संतुलन की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
संगठन में नेतृत्व की नई जंग
प्रदेश नेतृत्व की इस दौड़ में कई चर्चित नाम सामने आए हैं। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel के समर्थक माने जाने वाले विनयशील को मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री के कुनकुरी क्षेत्र में हुए नगर पंचायत चुनाव में जीत दर्ज कर संगठनात्मक स्तर पर अपनी पकड़ साबित की थी।वहीं दूसरी ओर भिलाई नगर विधायक Devendra Yadav के खेमे से बलौदाबाजार के शैलेंद्र बंजारे का नाम भी तेजी से चर्चा में है। संगठन के भीतर दोनों खेमों की सक्रियता ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
गुटबाजी की चर्चाओं पर सफाई
भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के बीच कथित नाराजगी को लेकर उठ रही अटकलों पर देवेंद्र यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल राजनीतिक गलियारों की चर्चा है और इसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने साफ किया कि संगठन में युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाना ही प्राथमिकता है और इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की गुटबाजी नहीं है।
युवाओं के लिए अवसर की प्रक्रिया
देवेंद्र यादव ने कहा कि वे स्वयं छात्र राजनीति (NSUI) से आगे बढ़कर इस मुकाम तक पहुंचे हैं, और ऐसे में युवाओं को भी संगठन में आगे आने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह चुनाव प्रतिस्पर्धा नहीं बल्कि स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया है, जिसमें योग्य युवा नेतृत्व सामने आता है। इसी क्रम में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व Rahul Gandhi की युवा भागीदारी नीति का भी उल्लेख किया गया, जिसके तहत संगठन में नए चेहरों को जिम्मेदारी देने की परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है।
अंतिम दौर में सिमट सकती है दौड़
सूत्रों का कहना है कि 35 दावेदारों में से सभी सीधे मुकाबले में नहीं हैं। संगठनात्मक और सामाजिक संतुलन—एससी, एसटी, महिला और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व—को ध्यान में रखते हुए अंतिम दौर में केवल 2 से 3 नामों पर ही गंभीर मंथन संभव है। अब सभी की निगाहें दिल्ली में होने वाले इंटरव्यू पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि छत्तीसगढ़ यूथ कांग्रेस की कमान किस युवा नेता के हाथों में जाएगी और संगठन की अगली दिशा क्या होगी।