Edited By Desh Raj, Updated: 04 Jun, 2026 08:36 PM

काफी समय से राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर से आज पर्दा उठ गया है। मध्य प्रदेश से राज्यसभा जाने वाले नामों का फैसला भारतीय जनता पार्टी ने कर दिया है। जिन दो नामों का ऐलान बीजेपी ने किया है वो काफी चौंकाने वाला है। किसी...
(डेस्क): काफी समय से राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों को लेकर लगाई जा रही अटकलों पर से आज पर्दा उठ गया है। मध्य प्रदेश से राज्यसभा जाने वाले नामों का फैसला भारतीय जनता पार्टी ने कर दिया है। जिन दो नामों का ऐलान बीजेपी ने किया है वो काफी चौंकाने वाला है। किसी को भी कोई अंदाजा नहीं था जो नाम रेस में चल रहे हैं वो हवा में रह जाएंगें और ऐसे नामो पर बीजेपी मुहर लगाएगी जो सबकी सोच से परे होंगे।
भाजपा ने राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए सारी अटकलों और अफवाहों पर विराम लगाते हुए ऐसे नामों को प्रत्याशी बनाया जो किसी के जहन में नहीं थे। एमपी से तरुण चुग औऱ राजनीश अग्रवाल को राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर बीजेपी ने सबको चौंका दिया है।
केंद्रीय मंत्री की जगह दिया मौका
आपको बता दें कि तरुण पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं और वह लंबे समय से संगठन में काम कर रहे हैं, वो काफी समय से बीजेपी को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं और निष्ठा के साथ ही संगठन मजबूति के लिए जाने जाते हैं। इसका इनाम अब बीजेपी की तरफ से तरुण चुघ को मिला है। तरुण चुग के पास संगठन में काम करने का काफी अनुभव है, वह जमीन पर काफी सक्रिय है। वैसे चुघ मूल रुप से पंजाब के रहने वाले हैं और भाजपा में उनकी पहचान एक मजबूत रणनीतिकार के तौर पर है। वह कई राज्यों में प्रभारी भी रह चुके हैं
रजनीश अग्रवाल के बारे में भी थोड़ा जानिए
वहीं बात अगर दूसरे उम्मीदवार की करें तो रजनीश अग्रवाल एक नया नाम है औऱ शायद ही उनके बारे में किसी को ज्यादा पता है लेकिन भाजपा में वो बूथ प्रबंधन, संगठन विस्तार तथा चुनावी रणनीति के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने प्रदेश महामंत्री और बूथ प्रबंधन प्रभारी जैसी कमान भी संभाली है।
बीजेपी के फैसले ने एक बार फिर चौंकाया
वैसे राज्यसभा चुनाव को लेकर लंबे समय से कई नामों पर चर्चा चल रही थी, कैलाश विजयवर्गीय, नरोत्तम मिश्रा से लेकर कई नाम रेस में बताए जा रहे थे, लेकिन ये सभी बातें अफवाह साबित हुईं। पार्टी ने संगठनात्मक अनुभव और राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं का चुनकर एक बार फिर अपनी अलग रणनीति का परिचय दिया है।