दिल्ली धमाकों का महू कनेक्शन! अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन का भाई 25 साल बाद गिरफ्तार

Edited By meena, Updated: 17 Nov, 2025 02:27 PM

brother of al falah university chairman arrested after 25 years

मध्य प्रदेश के महू में करीब 25 साल से लंबित एक बड़े ठगी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है...

इंदौर/महू (सचिन बहरानी) : मध्य प्रदेश के महू में करीब 25 साल से लंबित एक बड़े ठगी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी के भाई हमूद सिद्दीकी को महू पुलिस ने हैदराबाद से गिरफ्तार कर लिया। दो दशकों से फरार चल रहे आरोपी को रविवार शाम महू लाकर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

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दिल्ली धमाकों के बाद अल फलाह यूनिवर्सिटी पर बढ़ी जांच

दिल्ली धमाकों के बाद जब अल फलाह यूनिवर्सिटी का नाम सामने आया, तो सुरक्षा एजेंसियों ने चेयरमैन जवाद सिद्दीकी के बैकग्राउंड की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि जवाद मूल रूप से महू का निवासी है और उसका भाई हमूद एक पुराने ठगी प्रकरण में वांछित है। इनपुट मिलने पर पुलिस ने पुराने केस की फाइलें खंगालीं, जिसमें सामने आया कि साल 2000 में ठगी कांड के तुरंत बाद पूरा परिवार महू छोड़कर गायब हो गया था।

क्या था ठगी का मामला?

हमूद सिद्दीकी ने वर्ष 2000 में “अल-फहद” नाम से एक निजी बैंक खड़ा किया था। लुभावने ऑफर में दोगुनी रकम लौटाने का वादा करके उसने सैकड़ों लोगों से लाखों रुपये जमा करवाए।
उसका मुख्य निशाना थे-सेना से रिटायर्ड जवान,एमईएस कर्मचारी और आसपास के सरकारी कर्मचारी।लोगों की गाढ़ी कमाई जमा करवाने के बाद पूरा परिवार रातों-रात फरार हो गया था। यह केस वर्षों तक ठंडे बस्ते में पड़ा रहा, क्योंकि आरोपी लगातार लापता था।

हैदराबाद से दबोचा गया आरोपी

पुलिस के अनुसार, हमूद को हैदराबाद से हिरासत में लिया गया और रविवार को महू लाया गया। अदालत में पेशी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तारी के बाद अब इस ठगी मामले की अगली जांच तेज कर दी गई है।

परिवार की प्रतिष्ठा का हुआ दुरुपयोग

स्थानीय जानकार बताते हैं कि जवाद और हमूद के पिता शहर काजी थे । उसके पिता ने तीन शादियां की थी और कुल 16 बच्चे हैं। परिवार की शहर में अच्छी प्रतिष्ठा थी। इसी भरोसे का लाभ उठाते हुए लोगों ने बड़ी राशि बैंक में जमा करवाई। लेकिन रकम न लौटाने पर परिवार महू छोड़ गया।

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जवाद सिद्दीकी को पहले मिल चुकी है 6 साल की सजा

ठगी मामले में जवाद सिद्दीकी पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है और 6 साल की जेल काट चुका है। महू के पति बाजार स्थित उनके घर से दोनों भाइयों ने अल-फलाह और अल-फहद  नाम से फर्जी बैंकिंग संस्थाएं चलाईं और करोड़ों की ठगी की। जवाद को जेल हुई, लेकिन उसका भाई हमूद लगभग 25 साल तक फरार रहा, जिसे अब गिरफ्तार किया गया है।

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