Edited By meena, Updated: 02 Oct, 2026 07:25 PM

अनूपपुर में 24 ईवीएम गायब होने के मामला प्रदेशभर में गर्माता नजर आ रहा है। कांग्रेसियों ने मामले को लेकर प्रदर्शन करते हुए जल्द और सख्त कार्रवाई की मांग शुरु कर दी है...
अनूपपुर (प्रकाश तिवारी) : अनूपपुर में 24 ईवीएम गायब होने के मामला प्रदेशभर में गर्माता नजर आ रहा है। कांग्रेसियों ने मामले को लेकर प्रदर्शन करते हुए जल्द और सख्त कार्रवाई की मांग शुरु कर दी है। इधर पुलिस इस गंभीर मामले को लेकर जांच तेज कर दी है। बताया जा रहा है कि कबाड़ियों से पूछताछ की जा रही है।
जिला मुख्यालय के पुरानी तहसील कार्यालय अनूपपुर के भवन के डिस्मेंटल कार्य के दौरान 24 ईवीएम मशीनों के गायब होने के मामले में अब सियासी पारा चढ़ गया है। मशीनें आखिर कहां गईं, इसका जवाब जांच में तलाशा जा रहा है। एक ओर जहां ईवीएम को लेकर जिले के जिम्मेदार अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है, वहीं कांग्रेस ने शुक्रवार को गांधी जयंती के मौके पर इस मुद्दे पर सड़क पर मोर्चा खोल दिया है। दूसरी ओर पुलिस भी ईवीएम चोरी की घटना के बाद स्थानीय कबाड़ियों से पूछताछ कर सुराग जुटाने का प्रयास कर रही। इसके लिए पुलिस ने कबाड़ियों की सूची तक बनकर लगातार मामले की जांच कर रही है।
शुक्रवार की दोपहर हाथों में ‘ईवीएम चोर गद्दी छोड़’ के बैनर लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और प्रशासन से जवाब मांगते विरोध प्रदर्शन किया हैं। कांग्रेसी कार्यकर्ता बैनर और तीखे सवाल लेकर सड़क पर उतरे और सरकार-सत्ता पक्ष को घेरते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अब सवाल सिर्फ 24 ईवीएम का नहीं, सवाल उस सिस्टम की निगरानी का है, जहां इतनी संवेदनशील निर्वाचन सामग्री आखिर कम कैसे हो गई।
जिला अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी अनूपपुर गुड्डू सिंह चौहान के नेतृत्व में सैकड़ों की तादाद में कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय से स्टेट बैंक मार्ग होते कोतवाली तिराहा और वहां से नगरपालिका पुरानी बिल्डिंग तक रैली निकाली। जिसमें मात्र ईवीएम चोर गद्दी छोड़ का नारा गूंजता रहा।
इस मामले जिला अध्यक्ष, कांग्रेस कमेटी, अनूपपुर गुड्डू सिंह चौहान का कहना है कि ईवीएम को लेकर अनूपपुर में जो सवाल और शंकाएं सामने आई हैं, उनका निष्पक्ष जांच के जरिए जवाब मिलना चाहिए, लोकतंत्र में जनता के वोट और जनादेश की पवित्रता सर्वोपरि है। कांग्रेस किसी भी तरह की अनियमितता को लेकर चुप नहीं बैठेगी, हम मांग करते हैं कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और सच्चाई जनता के सामने लाई जाए,जब तक सवालों का स्पष्ट जवाब नहीं मिलता, कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।

बता दें कि अनूपपुर के पुरानी तहसील कार्यालय के पीछे बने ईवीएम वेयरहाउस से जुड़ा है। इस बिल्डिंग का हाल के महीने में डिस्मेंटल किए जाने का काम किया गया है। भवन के तोड़ने के दौरान वेयरहाउस के दीवार टूटी पाई गई। कार्य में लगे ठेकेदार द्वारा सूचना देकर अधिकारियों को मौके निरीक्षण बुलाया गया, इसके बाद अधिकारियों द्वारा डिस्मेंटल भवन से ईवीएम को पॉलिटेक्निक कॉलेज में रखवाया गया, जहां सत्यापन के दौरान 24 मशीनें कम मिलीं, जिनमें 8 बैलेट यूनिट और 16 कंट्रोल यूनिट बताई जा रही हैं।
जानकारी के मुताबिक 20 अगस्त को खुले में ईवीएम मिलने की सूचना दी गई थी, जबकि 21 सितंबर को मशीनों को पॉलिटेक्निक कॉलेज भवन नए तहसील कार्यालय में शिफ्ट किया गया। इसके बाद 24 से 28 सितंबर के सत्यापन में मशीनें कम मिलीं।
अनूपपुर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं पुलिस कबाड़ियों सहित अन्य से लगातार पूछताछ कर सुराग जुटा रही है। इस पूरे मामले ने कई सवाल पीछे छोड़ दिए है, निर्वाचन आयोग के प्रोटोकॉल के मुताबिक जब तहसील कार्यालय में ईवीएम सील थी तो वहां सुरक्षा के गार्ड कहां थे, बिना प्रशासनिक और राजनीतिक समन्यव के वेयरहाउस के गेट से सीसीटीवी कैसे हटाए गए, डिस्मेंटल के लिए किस अधिकारी ने अनुमति दी। Pwd को डिस्मेंटल किए जाने बिना भवन की जांच और सामानों को खाली किए बगैर सर्टिफिकेट जारी किया गया और ठेकेदार की सूचना के बाद अधिकारियों को ईवीएम हटाने में एक माह का समय क्यों लग गया। फिलहाल पूरे मामले को लेकर आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट होगी।