Edited By meena, Updated: 08 Aug, 2026 03:13 PM

नई दिल्ली में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान उस समय माहौल हल्का-फुल्का हो गया...
छतरपुर (राजेश चौरसिया) : नई दिल्ली में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के दौरान उस समय माहौल हल्का-फुल्का हो गया, जब उन्होंने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री यानी बाबा बागेश्वर का जिक्र कर दिया। प्रधानमंत्री की टिप्पणी सुनते ही समारोह में मौजूद छात्र-छात्राओं, प्रोफेसरों और अन्य अतिथियों के बीच हंसी की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री आधुनिक तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंसानी सोच के बीच अंतर को लेकर छात्रों से बात कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने तकनीक की क्षमताओं और लोगों की जिज्ञासा को जोड़ते हुए बाबा बागेश्वर का संदर्भ दिया।
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‘मन की बात’ जानने की बात पर आया बाबा बागेश्वर का जिक्र
PM मोदी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि आज के दौर में युवा किसी भी सवाल का जवाब गूगल और AI से तलाश लेते हैं। तकनीक डेटा और एल्गोरिदम के आधार पर जवाब देने में सक्षम है, लेकिन किसी व्यक्ति के मन में क्या चल रहा है, यह जानने की बात आते ही चर्चा का संदर्भ बदल जाता है। इसी बात को मजाकिया अंदाज में समझाते हुए प्रधानमंत्री ने बाबा बागेश्वर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे बाबा बागेश्वर तो नहीं हैं। PM की यह टिप्पणी सुनते ही सभागार में मौजूद लोगों के बीच ठहाके गूंजने लगे।

AI के दौर में भी इंसानी सोच सबसे अहम
हंसी-मजाक के इस पल के बाद प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन को फिर गंभीर विषयों की ओर मोड़ा। उन्होंने कहा कि तकनीक तेजी से बदल रही है और AI आने वाले समय में शिक्षा, शोध, उद्योग और समाज के कई क्षेत्रों को प्रभावित करेगा। ऐसे में युवाओं के लिए तकनीक को समझने के साथ उसका सही दिशा में इस्तेमाल करना भी जरूरी है।

IIT के युवाओं से बोले- देश की समस्याओं के समाधान खोजें
प्रधानमंत्री ने दीक्षांत समारोह में डिग्री हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि IIT जैसे संस्थानों से निकलने वाले युवा देश की बड़ी चुनौतियों के समाधान खोजने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने छात्रों से नवाचार और रिसर्च पर जोर देने तथा तकनीक का इस्तेमाल समाज के अंतिम व्यक्ति का जीवन आसान बनाने के लिए करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा और नवाचार भारत को आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।