Edited By meena, Updated: 02 Jan, 2026 03:37 PM

मध्यप्रदेश इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से फैल रही बीमारी (डायरिया) का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस बीमारी के चलते अब तक मौतों का आंकड़ा बढ़कर 19 तक पहुंच गया है...
इंदौर : मध्यप्रदेश इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल से फैल रही बीमारी (डायरिया) का संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस बीमारी के चलते अब तक मौतों का आंकड़ा बढ़कर 19 तक पहुंच गया है लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है, जिससे पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मीडिया को दिए आधिकारीक बयान में 10 मौतों की पुष्टि की है, लेकिन इन मौतों के वास्तविक कारणों को लेकर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया गया। इसे लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली और पारदर्शिता पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
इस बीच शुक्रवार को एक और दुखद घटना सामने आई। निजी अरबिंदो मेडिकल साइंस एंड रिसर्च अस्पताल में उपचाररत 68 वर्षीय गीता बाई की मौत हो गई। बताया गया है कि गीता बाई उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन के गंभीर लक्षणों से पीड़ित थीं। परिजन और स्थानीय लोग इन लक्षणों को भागीरथपुरा में फैल रही पानीजनित बीमारी से जोड़कर देख रहे हैं। क्षेत्र में बीमार लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गई है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पानी की गुणवत्ता को लेकर उन्होंने कई बार शिकायतें की थीं, लेकिन समय रहते सुधार नहीं किया गया, जिसके चलते हालात लगातार बिगड़ते चले गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए अब प्रशासनिक अमला और स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हो गया है। प्रभावित क्षेत्र से पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं और बीमारी के वास्तविक कारणों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, जब तक मौतों के कारणों को लेकर आधिकारिक रूप से स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक क्षेत्र में भय और आक्रोश बना रहने की आशंका जताई जा रही है।