Edited By Vikas Tiwari, Updated: 15 Oct, 2025 04:26 PM

एमपी के इंदौर शहर में एक मां ने अपने बेटे का जीवन बचाने के लिए सुपर हीरो जैसा कदम उठाया। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत आने वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में तीसरा किडनी ट्रांसप्लांट किया गया, जिसमें 72 वर्षीय गंगा वर्मा ने अपने 46 वर्षीय बेटे कमलेश...
इंदौर: एमपी के इंदौर शहर में एक मां ने अपने बेटे का जीवन बचाने के लिए सुपर हीरो जैसा कदम उठाया। एमजीएम मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत आने वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में तीसरा किडनी ट्रांसप्लांट किया गया, जिसमें 72 वर्षीय गंगा वर्मा ने अपने 46 वर्षीय बेटे कमलेश वर्मा को किडनी देकर उसका जीवन बचाया। ट्रांसप्लांट के बाद मां और बेटा दोनों स्वस्थ हैं और अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौट गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, कमलेश पिछले दो साल से डायलिसिस के लिए अस्पताल में आ रहे थे। आयुष्मान भारत योजना के तहत यह ट्रांसप्लांट किया गया। पहले उन्हें हर सप्ताह डायलिसिस की आवश्यकता होती थी, लेकिन ट्रांसप्लांट के 15 दिन बाद तक डायलिसिस की जरूरत नहीं पड़ी। कमलेश, जो इंदौर के सदर बाजार में रहते हैं, 2022 में अचानक बीमार पड़ गए थे। उन्हें हाथ-पैर में दर्द और पेशाब करने में तकलीफ होने लगी। निजी अस्पताल में जांच के बाद पता चला कि उनकी दोनों किडनियां काफी हद तक खराब हो चुकी हैं। इसके बाद उनका इलाज सरकारी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में शुरू किया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, कमलेश की किडनी की समस्या जन्म से ही डेवलपमेंटल डिफेक्ट के कारण थी, जो उम्र के साथ बढ़ती गई। परिवार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत ट्रांसप्लांट की जानकारी जुटाई और सभी जांचों के बाद यह सफल ऑपरेशन हुआ।