इंदौर में बेटे की पीड़ा-दूषित पानी से पिता की मौत हुई, मंत्री विजयवर्गीय घर भी आए, लेकिन अभी तक नहीं मिला कोई मुआवजा

Edited By meena, Updated: 03 Jan, 2026 08:30 PM

the son s anguish his father died from contaminated water but he received no c

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके के एक निवासी ने शनिवार को दावा किया कि उसके पिता की कथित तौर पर दूषित पीने के पानी के कारण बीमार पड़ने से मौत हो गई, लेकिन अभी तक उन्हें मुआवज़ा और इलाज के खर्च...

इंदौर : इंदौर के भागीरथपुरा इलाके के एक निवासी ने शनिवार को दावा किया कि उसके पिता की कथित तौर पर दूषित पीने के पानी के कारण बीमार पड़ने से मौत हो गई, लेकिन अभी तक उन्हें मुआवज़ा और इलाज के खर्च का रिम्बर्समेंट नहीं मिला है। स्थानीय निवासी राहुल पवार ने बताया कि उनके पिता अशोक लाल पवार (लगभग 55 साल) 26 दिसंबर को उल्टी और दस्त से बीमार पड़ गए थे। उन्होंने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया और बाद में 29 दिसंबर को उनकी मौत हो गई।

राहुल पवार ने बताया, "मेरे पिता को दूषित पानी के कारण दस्त और उल्टी हुई, जिसके बाद हमने उन्हें 26 दिसंबर को अरविन्दो अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें MY अस्पताल रेफर कर दिया, उनका 2-3 दिन इलाज चला और 29 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। मेरे पिता लगभग 55 साल के थे। हम पिछले कई दिनों से अपने वार्ड पार्षद और नगर निगम से दूषित पानी की शिकायत कर रहे थे लेकिन किसी ने नहीं सुना।"

उन्होंने आगे दावा किया कि उनके पिता की मौत के बाद इलाके के विधायक और मध्य प्रदेश कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय उनके घर आए, आश्वासन दिया लेकिन अभी तक कोई मुआवज़ा नहीं मिला है।

स्थानीय निवासी ने आगे कहा, "मेरी गली में दस्त और उल्टी की इसी समस्या के कारण तीन लोगों की मौत हो गई। MP मंत्री कैलाश विजयवर्गीय हमसे मिलने आए और आश्वासन दिया लेकिन हमें अभी तक न तो कोई मुआवज़ा मिला है और न ही इलाज का खर्च। हमें नगर निगम के टैंकरों से पानी मिल रहा है और उसे उबालकर पीने को कहा गया है। हमें कब तक उबालकर पानी पीना पड़ेगा? हम पीने के लिए पानी के कैन खरीद रहे हैं।"

एक और स्थानीय निवासी, पिंकी यादव ने बताया, "मेरी मां ICU में हैं। उन्हें पिछले शनिवार से भर्ती किया गया है और उनकी हालत गंभीर है। मेरी बेटी को भी पेट में दर्द हो रहा है, उसे उल्टी हो रही है और मुझे भी पेट में दर्द है, लेकिन मां के भर्ती होने की वजह से हम अपनी सेहत पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अब तो हमें टैंकर का पानी पीने से भी डर लग रहा है। हमें पानी कहां से मिलेगा, हमारे पास न तो वाटर प्यूरीफायर है और न ही बोरिंग की सुविधा है।" गौरतलब है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मृतकों के परिवारों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और सभी प्रभावित लोगों को मुफ्त इलाज देने की घोषणा की है।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!