Edited By meena, Updated: 11 Apr, 2026 06:51 PM

छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां शुरु कर दी है। मई जून-2026 में होने वाले चुनावों को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग की बैठक भी हुई। बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय...
एमपी डेस्क : छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां शुरु कर दी है। मई जून-2026 में होने वाले चुनावों को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग की बैठक भी हुई। बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं, कि मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य त्रुटिरहित, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूटना नहीं चाहिए। सभी दावा-आपत्तियों का गंभीरता से परीक्षण कर निर्धारित समय-सीमा में उनका निराकरण किया जाए।
गौरतलब है कि प्रदेश में नगरीय निकायों में अध्यक्ष के 4 पद एवं 60 पार्षद के पदों पर चुनाव होने तय है। इसके अलावा 4 पदों एवं 17 पार्षद पदों पर उप चुनाव प्रस्तावित हैं। वहीं, त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के अंतर्गत जनपद पंचायत सदस्य के 10 पद, सरपंच के 82 पद एवं पंचों के 1110 पद खाली हैं, जिन पर निर्वाचन संपन्न कराया जाएगा।
5 मई को आएगी अंतिम मतदाता सूची
मतदाता सूची का तीन से चार चरणों में प्रकाशन होगा जिसमें निर्वाचक नामावली का प्रारंभिक प्रकाशन 13 अप्रैल को किया जाएगा। इसके बाद 20 अप्रैल 2026 तक दावा-आपत्ति का समय होगा। 27 अप्रैल तक इसका निराकरण किया जाएगा और 5 मई 2026 को अंतिम मतदाता सूची आएगी। आयोग ने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन एवं विलोपन के लिए निर्धारित प्रपत्रों के माध्यम से आवेदन प्राप्त किए जाएंगे।
इन जगहों पर होंगे चुनाव और उपचुनाव
निर्वाचन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार जिन मई-जून माह में उपचुनाव की तारीख तय होगी। क्योंकि मई के पहले हफ्ते तक मतदाता का अंतिम प्रकाशन होगा। जिसके बाद चुनाव कराया जाएगा। इसमें रायपुर के बिरगांव निगम में 32 नंबर वार्ड में जनप्रतिनिधि की मृत्यु के कारण चुनाव होगा। वहीं सरपंच पद के लिए 3 और पंच के 23 पद के लिए चुनाव होंगे।
एसआईआर के बाद ये है चुनावी गणित
बता दें कि छत्तीसगढ़ में एसआईआर से पहले 2,12,30,737 मतदाता थे। एसआईआर के बाद 24, 99, 823 मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। जिनमें मृत्यु हो चुके, दूसरे प्रदेश शिफ्ट दो राज्यों में नाम दर्ज होने के कारण मतदाताओं के नाम काटे गए है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब प्रदेश में कुल 1,87,30,914 पंजीकृत मतदाता ही जीत-हार तय करेंगे। हालांकि कई सूची में नाम जोड़ने के लिए कई लोगों ने फॉर्म भरे हैं। हालांकि जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितने मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े जाएंगे।