Edited By Desh Raj, Updated: 27 Feb, 2026 09:16 PM

मध्यप्रदेश विधानसभा में गुना जिले के राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही स्वीकार कर चुकी है कि स्मार्ट मीटर लगाने के लिए निजी कंपनियों को लगभग ₹9–10 हजार करोड़ का...
गुना (मिसबाह नूर): मध्यप्रदेश विधानसभा में गुना जिले के राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने स्मार्ट मीटर योजना को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही स्वीकार कर चुकी है कि स्मार्ट मीटर लगाने के लिए निजी कंपनियों को लगभग ₹9–10 हजार करोड़ का भुगतान किया जा रहा है, जबकि प्रदेश में 38 लाख से अधिक मीटर लगाए जा चुके हैं।
जयवर्धन सिंह ने पूछा - क्या अधिकारियों के नाम पर दस्तावेज तैयार किए जा रहे
जयवर्धन सिंह ने सदन में 6 उपभोक्ताओं की पुरानी और नई मीटर रीडिंग का तुलनात्मक सत्यापन मांगा था। जवाब में जो दस्तावेज प्रस्तुत किए गए, उनमें गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं। गुना कलेक्टर के नाम से रीडिंग दर्शाई गई, लेकिन हस्ताक्षर किसी अन्य व्यक्ति के पाए गए। इसे लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अधिकारियों के नाम पर दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं? सरकार साफ जानकारी नहीं दे रही है।
सरकार पारदर्शिता से जवाब देने से बच रही है-जयवर्धन
उन्होंने यह भी कहा कि कई मामलों में स्मार्ट मीटर की रीडिंग पारंपरिक मीटर से अधिक पाई गई, जिससे आम उपभोक्ता परेशान है। जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर योजना जनता पर आर्थिक बोझ बनती जा रही है और सरकार पारदर्शिता से जवाब देने से बच रही है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उपभोक्ताओं को प्रमाणित रीडिंग व बिलिंग का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए। स्मार्ट मीटर को लेकर जयवर्धन ने सरकार पर बडे आरोप लगाते हुए हमला बोला है।