Edited By Himansh sharma, Updated: 03 Jan, 2026 01:51 PM

मध्य प्रदेश के इंदौर में भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है।
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी की आपूर्ति से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर गाज गिरना शुरू हो गई है।
घटना के बाद इंदौर नगर निगम आयुक्त दिलीप यादव को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह 2014 बैच के आईएएस अधिकारी क्षितिज सिंघल को इंदौर नगर निगम का नया आयुक्त नियुक्त किया गया है।
क्षितिज सिंघल को मिली बड़ी जिम्मेदारी
नवनियुक्त आयुक्त आईएएस क्षितिज सिंघल वर्तमान में मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में डायरेक्टर के पद पर पदस्थ थे। अब उन्हें इंदौर नगर निगम की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां सबसे बड़ी चुनौती जल आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करना मानी जा रही है।
अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई
सरकार ने इस मामले में अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी सख्त कदम उठाए हैं। नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया और जल कार्य विभाग में पिछले 12 वर्षों से पदस्थ प्रभारी अधीक्षण यंत्री संजीव श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया गया है।
सरकार का सख्त संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की जान से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दूषित पानी की आपूर्ति जैसी गंभीर चूक पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
भागीरथपुरा की इस घटना के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं, वहीं सरकार की यह कार्रवाई प्रशासनिक सख्ती और जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।