Edited By Desh Raj, Updated: 26 Mar, 2026 10:03 PM

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान इजराइल अमेरिका युद्ध के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए बड़ा और अहम कदम उठाया है। LPG की किल्लत के बीच भारत ने एक अहम फैसला लिया है।
(डेस्क): पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान इजराइल अमेरिका युद्ध के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने के लिए बड़ा और अहम कदम उठाया है। LPG की किल्लत के बीच भारत ने एक अहम फैसला लिया है। करीब 6 साल बाद भारत ने ईरान से LPG (रसोई गैस) खरीदने का फैसला किया है, इस फैसले को मौजूदा हालात के हिसाब से बेहद अहम और निर्णायक माना जा रहा है।
क्या होगा बदलाव?
जानकारी के मुताबिक, ईरान से आने वाला एलपीजी कार्गो पहले चीन भेजा जाना था, लेकिन भारत ने रणनीतिक बातचीत के जरिए इसे अपनी ओर मोड़ लिया है। यह जहाज जल्द ही मंगलुरु पोर्ट पहुंचेगा। इसके बाद इस गैस को देश की तीन बड़ी सरकारी कंपनियों- इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) के बीच बांटा जाएगा।
खास बात- रुपये में होगा इसका भुगतान
वहीं इस डील में जो सबसे खास बात सामने आ रही है वो ये है कि भारत इस गैस का भुगतान डॉलर में नहीं बल्कि भारतीय करंसी में करेगा। यह इसलिए भी खास है कि डालर की प्रभाव के बीच रुपये में भुगतान होगा।
इससे दो फायदे होंगें, एक तो देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा तो दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रुपये की पावर भी बढ़ेगी। वहीं ईरान के साथ रुपये में व्यापार शुरू होना कूटनीतिक रूप से भी भारत के लिए फायदेमंद माना जा रहा है।
आपको बता दें कि होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट के चलते सप्लाई में कमी आ रही है और गैस के साथ ही तेल भी प्रभावित हो रहा है। जाहिर है ईरान से ये सीधा सौदा भारत के लिए बड़ी राहत वाला हो सकता है। इस डील की सबसे खास बात है कि ईरान की भारत से दूरी कम हैं और भारतीय करेंसी में भुगतान करना बड़ी बात है।