Edited By Himansh sharma, Updated: 27 May, 2026 03:29 PM

छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाज़ी का ताप एक बार फिर बढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने बिलासपुर में केंद्र और राज्य सरकार पर एक साथ तीखा हमला बोला।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में बयानबाज़ी का ताप एक बार फिर बढ़ गया है। पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने बिलासपुर में केंद्र और राज्य सरकार पर एक साथ तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता को पेट्रोल बचाने और सोना खरीदने से रोकने की सलाह दी जाती है, जबकि सरकार की प्राथमिकताएं अलग दिखाई देती हैं। तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि देश ऐसे दौर में पहुंच गया है जहां “मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ” जैसी राजनीति दिखाई दे रही है। भूपेश बघेल ने उद्योगपति Gautam Adani के विदेशी निवेश का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी निशाना साधा।
धर्म और राजनीति के मेल पर टिप्पणी करते हुए बघेल ने Rambhadracharya और Dhirendra Krishna Shastri का नाम लेते हुए व्यंग्य किया कि यदि पर्ची से भविष्य बताया जा सकता है तो पेट्रोल-डीजल के दाम भी कम करवा दिए जाएं।
कानून व्यवस्था के मुद्दे पर उन्होंने राज्य सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रदेश में रेप, लूट और हत्या की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस निष्पक्ष तरीके से नहीं बल्कि दबाव में काम कर रही है और कई मामलों में बिना ठोस आधार के कार्रवाई की जा रही है।
युवाओं की नाराजगी का जिक्र करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि सत्ता के खिलाफ असंतोष लगातार बढ़ रहा है और नए तरह के विरोध समूह उसी असंतोष की अभिव्यक्ति हैं। उनके अनुसार चुनावी जीत और जनसंतोष को एक नहीं माना जा सकता।
इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा होना तय माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सत्ता, धर्म, कानून व्यवस्था और युवाओं के असंतोष - चारों मुद्दों को एक साथ जोड़कर विपक्ष ने सीधा राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है।