Edited By Himansh sharma, Updated: 31 Jan, 2026 10:46 AM
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में लंबे इंतज़ार के बाद संगठनात्मक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय नेतृत्व के सख्त रुख के बाद प्रदेश कांग्रेस ने जिला कार्यकारिणियों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार देर रात छिंदवाड़ा, मऊगंज और सागर शहर की जिला कार्यकारिणी घोषित कर दी गई, जिससे संगठन सृजन अभियान को रफ्तार मिली है।दरअसल, करीब पांच महीने पहले जिला अध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी थी, लेकिन कार्यकारिणी घोषित न होने से संगठन जमीनी स्तर पर ठप सा पड़ा था। इसी देरी को लेकर दिल्ली में हुई समीक्षा बैठक में संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश इकाई को स्पष्ट संदेश दिया— 15 दिन के भीतर जिला कार्यकारिणी घोषित होनी चाहिए।
अल्टीमेटम का असर, एक्शन मोड में प्रदेश कांग्रेस
केंद्रीय संगठन की नाराज़गी के बाद प्रदेश कांग्रेस ने तुरंत कदम उठाते हुए न सिर्फ तीन जिलों की कार्यकारिणी घोषित की, बल्कि 17 जिलों में संगठन महासचिवों की भी नियुक्ति कर दी। ये महासचिव संगठन की सभी इकाइयों के बीच समन्वय बनाएंगे और राष्ट्रीय व प्रदेश नेतृत्व के कार्यक्रमों की मॉनिटरिंग करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, जिला स्तर पर कार्यकारिणी गठन के प्रस्ताव पहले ही भेजे जा चुके थे, लेकिन अंतिम मुहर का इंतज़ार हो रहा था। अब तय किया गया है कि जैसे-जैसे सहमति बनेगी, वैसे-वैसे अन्य जिलों की कार्यकारिणी भी घोषित होती जाएंगी।
ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति भी जल्द
संगठन को मजबूती देने के लिए यह भी फैसला लिया गया है कि जिन ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियां बाकी हैं, उन्हें एक महीने के भीतर चरणबद्ध तरीके से पूरा कर लिया जाएगा।
संगठन सृजन पर शीर्ष नेताओं की नजर
दिल्ली में हुई अहम बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को संगठन सृजन अभियान जल्द पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, दिग्विजय सिंह और कमलेश्वर पटेल भी मौजूद रहे।
समाजों को जोड़ने पर फोकस, कई नए प्रकोष्ठ सक्रिय
प्रदेश कांग्रेस ने सामाजिक संतुलन साधने के लिए समाज समन्वय प्रकोष्ठ सहित कई अहम प्रकोष्ठों में नियुक्तियां की हैं। अलग-अलग समाजों के लिए समन्वयक तय किए गए हैं, ताकि जमीनी स्तर पर पार्टी का जनाधार मजबूत किया जा सके। इसके अलावा तकनीकी, उपभोक्ता संरक्षण, खादी ग्रामोद्योग, भूमि अधिग्रहण, अशासकीय विद्यालय, ड्राइवर-मैकेनिक, फुटकर व लघु व्यवसायी जैसे कई प्रकोष्ठों को भी नई टीम के साथ सक्रिय कर दिया गया है। कुल मिलाकर, केंद्रीय नेतृत्व की सख्ती के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस अब संगठन को लेकर एक्शन मोड में नजर आ रही है, और आने वाले दिनों में और जिलों में भी कार्यकारिणी की घोषणा तय मानी जा रही है।