Edited By Himansh sharma, Updated: 28 Aug, 2026 07:49 PM

मध्य प्रदेश के मूंग उत्पादक किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है।
भोपाल। मध्य प्रदेश के मूंग उत्पादक किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। ग्रीष्मकालीन 2026 सीजन में मूंग की सरकारी खरीदी की निर्धारित सीमा को बढ़ाते हुए केंद्र ने राज्य के लिए 84,492 मीट्रिक टन अतिरिक्त खरीदी की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश में मूंग की कुल स्वीकृत खरीदी 5,39,072 मीट्रिक टन तक पहुंच गई है। पहले केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग खरीदी की सीमा तय की थी। किसानों की मांग और खरीदी की स्थिति को देखते हुए अब इसमें अतिरिक्त मात्रा जोड़ दी गई है। माना जा रहा है कि इस निर्णय से उन किसानों को राहत मिलेगी, जिनकी मूंग की उपज सरकारी खरीदी व्यवस्था के तहत एमएसपी पर बिकने की प्रक्रिया में थी।
किसानों की मांग के बाद केंद्र का बड़ा फैसला
मूंग खरीदी की सीमा बढ़ाने की मांग को लेकर हाल के दिनों में किसानों ने आवाज उठाई थी। बड़ी संख्या में किसान भोपाल की ओर भी रवाना हुए थे। इसके बाद केंद्र और राज्य स्तर पर खरीदी की स्थिति की समीक्षा की गई। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन से मध्य प्रदेश के कृषि एवं बागवानी विभाग से जुड़े मंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक कर पूरी स्थिति की समीक्षा की। बैठक में खरीदी, किसानों को भुगतान और फसल बीमा से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
5.33 लाख टन से ज्यादा मूंग की हो चुकी खरीदी
समीक्षा के दौरान सामने आया कि ग्रीष्मकालीन 2026 सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक 5.33 लाख मीट्रिक टन से अधिक मूंग की सरकारी खरीदी हो चुकी है। सरकार के मुताबिक खरीदी की प्रक्रिया में पंजीकृत और इच्छुक किसानों की उपज को प्राथमिकता के साथ शामिल किया गया। मूंग की सरकारी खरीदी मुख्य रूप से नैफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से की गई। किसानों को उनकी उपज का भुगतान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के आधार पर किया गया, जिससे उन्हें खुले बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच बेहतर मूल्य सुरक्षा मिली। खास बात यह है कि अतिरिक्त खरीदी की मंजूरी से राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा।
पिछले साल से इस बार बेहतर रहा प्रदर्शन
मध्य प्रदेश में इस साल मूंग खरीदी का आंकड़ा पिछले सीजन की तुलना में बेहतर रहा है। ग्रीष्मकालीन 2025 में केंद्र ने राज्य में 4,19,692 मीट्रिक टन मूंग खरीदी की अनुमति दी थी। इसके मुकाबले वास्तविक खरीदी 3,93,123.79 मीट्रिक टन रही थी। वहीं, 2026 में स्वीकृत मात्रा के साथ वास्तविक सरकारी खरीदी में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इससे प्रदेश में मूंग उत्पादन करने वाले किसानों के लिए सरकारी खरीद व्यवस्था की पहुंच बढ़ने का संकेत मिलता है।
फसल बीमा व्यवस्था को लेकर भी मंथन
बैठक केवल मूंग खरीदी तक सीमित नहीं रही। इसमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। मध्य प्रदेश में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को लागू करने के लिए जरूरी टर्म-शीट पर भी विचार-विमर्श हुआ। केंद्र की ओर से संबंधित टर्म-शीट राज्य को उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसके साथ ही विंड्स प्रणाली को लागू करने और फसल उत्पादन के आकलन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। केंद्र ने सुझाव दिया कि फसल उत्पादन का आकलन करते समय आधुनिक तकनीक के साथ-साथ खेत स्तर से मिलने वाले वास्तविक आंकड़ों को भी प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
किसानों के लिए खरीदी और बीमा दोनों पर फोकस
बैठक के बाद यह स्पष्ट संकेत मिला कि केंद्र और राज्य सरकार का फोकस केवल फसल खरीदी तक सीमित नहीं है। सरकार एमएसपी पर समयबद्ध खरीदी, किसानों को भुगतान और फसल बीमा की व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। अतिरिक्त 84,492 टन मूंग खरीदी की मंजूरी ऐसे समय में आई है, जब प्रदेश में किसान लंबे समय से सरकारी खरीदी की सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे थे। अब कुल स्वीकृत मात्रा बढ़कर 5.39 लाख मीट्रिक टन से अधिक हो गई है। सरकार का दावा है कि इससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य दिलाने और सरकारी खरीद व्यवस्था में उनका भरोसा मजबूत करने में मदद मिलेगी।