BJP के साथ हुआ कांड, BJP प्रदेश उपाध्यक्ष को मंच छोड़ पड़ा भागना, आक्रोशित लोगों ने नेताओं पर बरसाई कुर्सियां

Edited By Desh sharma, Updated: 01 Feb, 2026 09:34 PM

bjp faces chaos state vice president forced to flee stage in shivpuri

ध्यप्रदेश के शिवपुरी में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। इस हैरान कर देने वाले मामले में बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष को मंच छोड़कर भागना पड़ा। दरअसल ये मामला यूजीसी कानून पर मचे बवाल का है।

(शिवपुरी): मध्यप्रदेश के शिवपुरी में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। इस हैरान कर देने वाले मामले में बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष को मंच छोड़कर भागना पड़ा। दरअसल ये मामला यूजीसी कानून पर मचे बवाल का है। यहां पर गुस्साए लोगों ने बीजेपी के नेताओं पर कुर्सियां तक फेंकी दी।

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जानकारी के मुताबिक शिवपुरी के करैरा में सवर्ण समाज द्वारा यूजीसी के नए कानूनों के खिलाफ विरोध रैली निकाली गई थी।  रैली के दौरान पुलिस सहायता केंद्र पर यह घटना घटी। दरअसल केंद्र पर भाजपा के बजट सत्र का लाइव प्रसारण चल रहा था, और कई नेताओं  के साथ कार्यकर्ता वहां मौजूद थे।

इसी बीच रैली पुलिस सहायता केंद्र के सामने से गुजरती है , और कुछ युवाओं ने भीड़ में से पानी की बोतलें फेंकना शुरू कर दिया। इस कारनामे के बाद स्थिति बिगड़ गई। कुछ समय के लिए माहौल गरमा गया।  कुछ लोगों ने तो  माइक को छीनकर ‘भाजपा मुर्दाबाद’ के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत भी  मौजूद थे,  लेकिन बढ़ते हंगामे के चलते उन्हें  मंच छोड़कर जाना पड़ा।

इसके बाद तो प्रदर्शनकारियों ने कुर्सियों को तोड़ना शुरु कर  दिया.. और माहौल देखते ही  देखते अफरा-तफरी वाला बन गया।  लिहाजा मौके को देखते हुए पुलिस ने हस्तक्षेप किया और कड़ी मशक्कत से स्थिति संभाली। वहीं इस घटना के बाद भाजपा मंडल अध्यक्ष और नगर परिषद उपाध्यक्ष के साथ ही कई नेता असहज और नाराज नजर आए।  उग्र प्रदर्शनकारियों के सामने वे भी असहाय नजर आए।

वहीं सुरक्षा कारणों के चलते  बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष को मंच छोड़ना पड़ा।  भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष रणवीर सिंह रावत, जिला उपाध्यक्ष पवन लोधी, और जनपद अध्यक्ष पुष्पेंद्र जाटव समेत सैकड़ों कार्यकर्ता इस दौरान मौजूद थे। फिलहाल ये घटना बताती है कि यूजीसी के नए नियमों को  लेकर सामान्य वर्ग के लोगों में बीजेपी के खिलाफ कितना गुस्सा है।

दरअसल यूजीसी को “काला कानून” 1 फरवरी को भारत बंद का ऐलान था. रविवार सुबह बंद के दौरान जब भाजपा के बजट कार्यक्रम चल रहे थे, तभी कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने अचानक कार्यक्रम स्थलों पर धावा बोल दिया जिससे स्तिथि तनाव वाली बन गई । 
 

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