Edited By Himansh sharma, Updated: 21 Jan, 2026 11:44 AM

मध्यप्रदेश के सतना जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मेडिकल जांच में हुई गंभीर लापरवाही ने पूरे स्वास्थ्य सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सतना: मध्यप्रदेश के सतना जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां मेडिकल जांच में हुई गंभीर लापरवाही ने पूरे स्वास्थ्य सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पेट दर्द की शिकायत लेकर जांच कराने पहुंचे भाजपा नेता की सोनोग्राफी रिपोर्ट में ऐसा खुलासा हुआ, जिसे देखकर खुद डॉक्टर भी चौंक गए।
उचेहरा नगर पंचायत अध्यक्ष और भाजपा नेता निरंजन प्रजापति कई दिनों से पेट दर्द से परेशान थे। प्राथमिक इलाज के बाद जब आराम नहीं मिला तो उन्होंने सतना स्थित एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर में सोनोग्राफी कराई। लेकिन जांच के बाद जो रिपोर्ट सामने आई, उसने सभी को हैरानी में डाल दिया।
पुरुष के पेट में दिखा गर्भाशय!
सोनोग्राफी रिपोर्ट में साफ तौर पर लिखा था कि मरीज के पेट में गर्भाशय (Uterus) मौजूद है। रिपोर्ट देखते ही भाजपा नेता हैरान रह गए। बाद में जब वे जबलपुर पहुंचे और डॉक्टरों को रिपोर्ट दिखाई, तो उन्होंने साफ कहा कि यह रिपोर्ट किसी महिला मरीज की प्रतीत होती है, क्योंकि पुरुष शरीर में गर्भाशय होना असंभव है।
गलत रिपोर्ट से जा सकती थी जान
निरंजन प्रजापति ने इसे महज तकनीकी गलती मानने से इनकार करते हुए कहा कि अगर इसी रिपोर्ट के आधार पर इलाज शुरू हो जाता, तो किसी की जान भी जा सकती थी। उन्होंने सतना डायग्नोस्टिक सेंटर के खिलाफ सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
डायग्नोस्टिक सेंटर की सफाई
वहीं डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक डॉ. अरविंद सराफ ने सफाई देते हुए कहा कि कंप्यूटर सिस्टम में मेल-फीमेल दोनों के फॉर्मेट रहते हैं। ऑपरेटर से गलती से फीमेल फॉर्मेट सिलेक्ट हो गया, जिससे रिपोर्ट में गर्भाशय लिखा आ गया। उन्होंने दावा किया कि मरीज को कोई गंभीर बीमारी नहीं थी और जांच उन्होंने स्वयं की थी।
सवालों के घेरे में स्वास्थ्य व्यवस्था
यह मामला एक बार फिर निजी जांच केंद्रों की कार्यप्रणाली और लापरवाही को उजागर करता है। सवाल यह है कि अगर ऐसी गलती किसी आम मरीज के साथ हो जाए, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?