Edited By meena, Updated: 16 Jan, 2026 04:23 PM

कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया द्वारा अनुसूचित जाति–जनजाति वर्ग के विधायकों और सांसदों को लेकर दिए गए अपमानजनक और असंवेदनशील बयान ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है...
खंडवा (मुश्ताक मंसूरी) : कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया द्वारा अनुसूचित जाति–जनजाति वर्ग के विधायकों और सांसदों को लेकर दिए गए अपमानजनक और असंवेदनशील बयान ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। बरैया द्वारा SC-ST प्रतिनिधियों की तुलना “कुत्ते जैसी स्थिति” से किए जाने और आदिवासियों को हिंदू न बनने की सलाह देने पर पंधाना से बीजेपी विधायक छाया मोरे ने जमकर भर्त्सना की है।
विधायक छाया मोरे ने कहा कि यह बयान केवल एक नेता की जुबान फिसलना नहीं, बल्कि कांग्रेस की आदिवासी और दलित विरोधी मानसिकता का खुला प्रमाण है। उन्होंने कहा कि SC-ST समाज के जनप्रतिनिधि जनता के वोट से चुनकर आते हैं और उन्हें इस तरह अपमानित करना पूरे समाज का अपमान है।
छाया मोरे ने दो टूक कहा कि भारतीय जनता पार्टी में हर वर्ग को सम्मान मिला है, जबकि कांग्रेस ने हमेशा आदिवासी समाज को केवल वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया। उन्होंने याद दिलाया कि देश के सर्वोच्च पद पर बीजेपी ने पहले अनुसूचित जाति वर्ग से रामनाथ कोविंद और वर्तमान में जनजातीय समाज से द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति बनाया।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल भी आदिवासी समाज से हैं। यह सम्मान कांग्रेस कभी नहीं दे पाई। कांग्रेस विधायक के आदिवासियों को हिंदू न बनने संबंधी बयान पर हमला बोलते हुए छाया मोरे ने कहा कि आदिवासी समाज भारत का मूल निवासी है और वह सदियों से भगवान राम, भगवान कृष्ण और बजरंगबली की पूजा करता आया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर आदिवासी हिंदू नहीं हैं, तो क्या उन्हें मुस्लिम या ईसाई बनने का सुझाव दिया जा रहा है? यह बयान कांग्रेस की हिंदू विरोधी और समाज को बांटने वाली सोच को उजागर करता है।
बीजेपी विधायक ने कहा कि फूल सिंह बरैया अपनी ही पार्टी की विचारधारा के दबाव में आदिवासी समाज को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, जो निंदनीय और शर्मनाक है। उन्होंने मांग की कि बरैया अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और इस गंदे बयान के लिए प्रायश्चित करें। छाया मोरे ने चेतावनी दी कि आदिवासी और दलित समाज अपने अपमान को कभी स्वीकार नहीं करेगा और कांग्रेस को इस तरह की बयानबाज़ी का राजनीतिक जवाब जरूर मिलेगा।